ताज़ा ख़बर

गन्ना भाव: 23 अक्टूबर को बड़ा प्रदर्शन, कोल्हू दे रहे ₹500, दीपावली से पहले फैसला संभव?

✍️ Aamir Raza · 🗓 04 Oct 2026 · ⏱ 5 मिनट में पढ़ें

Google पर हमें फ़ॉलो करें
गन्ना भाव: 23 अक्टूबर को बड़ा प्रदर्शन, कोल्हू दे रहे ₹500, दीपावली से पहले फैसला संभव?

पेराई सत्र शुरू होने में अब दिन गिने जा रहे हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के गन्ना किसान के खेत में अभी भी सबसे बड़ा सवाल वही है जो हर अक्टूबर में उठता है। इस बार गन्ने का दाम क्या होगा? जवाब अभी किसी के पास नहीं है, क्योंकि राज्य परामर्श समिति की बैठक अब तक हुई ही नहीं। इसी अनिश्चितता के बीच किसान संगठनों ने दो मोर्चों पर दबाव बनाने का ऐलान कर दिया है। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक इसी महीने सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगी, और BKU टिकैत ने 23 अक्टूबर को गन्ना संस्थान में किसानों के बड़े जुटान की घोषणा की है।

जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन का ऐलान

BKU अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने नवभारत टाइम्स से कहा कि अब चीनी के दाम बहुत बढ़ गए हैं। उनका तर्क सीधा है। महाराष्ट्र में इस बार गन्ना उत्पादन कम हुआ है, जिससे चीनी को बाजार में अच्छे दाम मिलेंगे। जब चीनी महंगी बिकेगी, तो किसान का गन्ना सस्ता क्यों रहे? संगठन की योजना है कि अक्टूबर में सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया जाए, ताकि दाम की घोषणा से पहले सरकार तक किसानों की आवाज पहुंच सके।

23 अक्टूबर को गन्ना संस्थान में जुटान

दूसरा मोर्चा BKU टिकैत ने खोला है। प्रदेश प्रवक्ता आलोक वर्मा के मुताबिक किसान 23 अक्टूबर को गन्ना संस्थान में जुटेंगे और प्रदर्शन करेंगे। दाम की घोषणा मिलें चलने से पहले हो जाए, यही सबसे बड़ी मांग है।

बाजार खुद सरकार पर दबाव बना रहा है

संगठनों के नारों से अलग, बाजार के अपने आंकड़े सरकार के लिए सिरदर्द बन गए हैं। नवभारत टाइम्स की मेरठ से आई रिपोर्ट के मुताबिक चालू हो चुके कोल्हू और क्रेशर पर फिलहाल 500 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गन्ना खरीदा जा रहा है। किसान अगर कोल्हू को 500 में गन्ना दे रहा है, तो मिल का पुराना भाव उसे स्वीकार नहीं होगा।

मेरठ क्षेत्र से उठी मांग और भी बड़ी है। भारतीय किसान यूनियन समेत संगठन पेराई सत्र 2026-27 के लिए 600 रुपये प्रति क्विंटल तक की मांग उठा रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दीपावली पर सरकार किसानों को बढ़े हुए गन्ना मूल्य का तोहफा दे सकती है, और 40 से 50 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की चर्चा चल रही है।

हापुड़ समिति ने पास किया ₹500 का प्रस्ताव

हापुड़ से एक और ठोस कदम आया है। सहकारी गन्ना विकास समिति की वार्षिक बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास हुआ कि पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ना मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाए। बैठक की अध्यक्षता सभापति कुनाल चौधरी ने की।

बैठक में सिर्फ दाम की मांग ही नहीं उठी। सिंभावली और ब्रजनाथपुर चीनी मिलों को निर्देश दिए गए कि पेराई सत्र 2025-26 का जितना भी बकाया गन्ना मूल्य है, उसका 15 प्रतिशत ब्याज सहित तत्काल भुगतान करें। चेतावनी भी साफ थी। अगर मिलों का ढुलमुल रवैया जारी रहा, तो उनके गन्ना क्रय केंद्र काटकर समय पर भुगतान करने वाली मिलों को दे दिए जाएंगे।

FRP तय हो चुका, अब यूपी के SAP का इंतजार

केंद्र सरकार ने 2026-27 सीजन के लिए गन्ने का FRP 365 रुपये प्रति क्विंटल तय कर दिया है, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू भी हो गया है। पहले यह 355 रुपये था, यानी 10 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। लेकिन यूपी में किसान को मिलने वाला असली भाव SAP से तय होता है, और 2026-27 का SAP अभी घोषित नहीं हुआ है। फिलहाल 2025-26 सत्र का भाव चल रहा है, अगेती गन्ने के लिए 400 रुपये प्रति क्विंटल। जब तक नया SAP घोषित नहीं होता, किसी अफवाह पर भरोसा न करें।

चुनावी सालों में दाम बढ़ने का रिकॉर्ड

यूपी में गन्ने के दाम का चुनावी कैलेंडर से पुराना नाता रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले 2021-22 सत्र में 25 रुपये बढ़े और भाव 350 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले 2023-24 सत्र में 20 रुपये की बढ़ोतरी हुई, जिससे अगेती का भाव 370, सामान्य का 360 और अनुपयुक्त प्रजाति का 355 रुपये तय हुआ। 2025-26 में तो चुनाव से पहले ही 30 रुपये बढ़ा दिए गए। 2027 में फिर विधानसभा चुनाव हैं, इसलिए किसान उम्मीद लगाए बैठे हैं।

किसान के लिए इसका क्या मतलब है

तस्वीर यह है कि दबाव तीन तरफ से बन रहा है। संगठन प्रदर्शन की तैयारी में हैं, कोल्हू 500 रुपये का भाव दे रहे हैं, और चुनावी साल में सरकार पर उम्मीदों का बोझ है। लेकिन जब तक परामर्श समिति की बैठक नहीं होती, कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं आएगा। अफवाहों में न फंसें, दाम की असली खबर सिर्फ सरकारी घोषणा से आएगी।

मुख्य बातें

  • BKU अराजनैतिक अक्टूबर में सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगा, जबकि BKU टिकैत ने 23 अक्टूबर को गन्ना संस्थान में किसानों के बड़े जुटान का ऐलान किया है।
  • कोल्हू और क्रेशर पर 500 रुपये प्रति क्विंटल का खुला भाव मिल रहा है, जबकि 2026-27 के लिए यूपी का SAP अभी घोषित नहीं हुआ है; फिलहाल 2025-26 का भाव अगेती 400 रुपये चल रहा है।
  • हापुड़ गन्ना समिति ने 500 रुपये प्रति क्विंटल का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया और सिंभावली व ब्रजनाथपुर मिलों को 15 प्रतिशत ब्याज सहित बकाया भुगतान का निर्देश दिया।

स्रोत: नवभारत टाइम्स (लखनऊ, 3 अक्टूबर 2026), नवभारत टाइम्स (मेरठ), खबरवाला24 (हापुड़ गन्ना समिति बैठक), ट्रैक्टर जंक्शन व एनडीटीवी (FRP 2026-27)

#गन्ना #गन्ना मूल्य #गन्ना SAP #किसान आंदोलन #BKU #पेराई सत्र 2026-27

Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

और पढ़ें

बिना कर्ज लिए 20 हजार किसान दिवालिया की कगार पर, सिंभावली का 148 करोड़ वाला सच ताज़ा ख़बर बिना कर्ज लिए 20 हजार किसान दिवालिया की कगार पर, सिंभावली का 148 करोड़ वाला सच हापुड़ की सिंभावली शुगर मिल से जुड़े किसानों पर 148.59 करोड़ के पुराने कर्ज का बोझ बढ़कर 300 करोड़ से ज्यादा हो गया है। सीबीआई जांच के बाद भी मामला हाईकोर्ट में लंबित है और 20 हजार से ज्यादा किसान डिफॉल्टर माने जाने की कगार पर हैं। मेरठ के 2.22 लाख किसानों के लिए खुशखबरी: 1 नवंबर से चलेंगी 6 चीनी मिलें ताज़ा ख़बर मेरठ के 2.22 लाख किसानों के लिए खुशखबरी: 1 नवंबर से चलेंगी 6 चीनी मिलें मेरठ जिले की छह चीनी मिलें 1 से 4 नवंबर के बीच पेराई सत्र 2026-27 शुरू करेंगी। किनौनी मिल 1 नवंबर को चलेगी, मवाना, नंगलामल और दौराला 2 नवंबर को, मोहिउद्दीनपुर और सकौती 4 नवंबर को। बेलगावी बैठक बेनतीजा: ₹5500 की मांग अटकी, 29 अक्टूबर को दिल्ली की समिति तय करेगी रास्ता ताज़ा ख़बर बेलगावी बैठक बेनतीजा: ₹5500 की मांग अटकी, 29 अक्टूबर को दिल्ली की समिति तय करेगी रास्ता कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की बेलगावी में किसान नेताओं और मिल मालिकों से हुई बैठक बिना फैसले के खत्म हुई। गन्ने के ₹5500 प्रति टन दाम की मांग अब 29 अक्टूबर को आने वाली केंद्रीय समिति के सामने रखी जाएगी।