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गन्ना बीज पर 60% तक बचत: प्रति एकड़ सही सेट्स गिनती का आसान हिसाब

✍️ GannaUP डेस्क · 🗓 02 Nov 2026 · ⏱ 5 मिनट में पढ़ें

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गन्ना बीज पर 60% तक बचत: प्रति एकड़ सही सेट्स गिनती का आसान हिसाब

बुवाई के दिन खेत के किनारे बीज गन्ने की ट्रॉली खड़ी होती है और किसान की नजर बार-बार ट्रॉली और खेत के बीच घूमती है। मन में एक ही सवाल चलता है: यह बीज पूरे खेत के लिए काफी होगा या बीच में कम पड़ जाएगा? जिसका बीज कम पड़ता है, वह दोबारा मंडी भागता है। जिसका ज्यादा बचता है, वह सूखे बीज को देखकर पछताता है। दोनों नुकसान एक ही वजह से होते हैं: बुवाई से पहले सेट्स की गिनती नहीं की गई। अच्छी खबर यह है कि गिनती का हिसाब मुश्किल नहीं है। एक आंख वाले तरीके से बीज 50 से 60 क्विंटल से घटकर 25 से 30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रह जाता है, और नर्सरी वाले तरीके से 17 से 18 क्विंटल तक। यानी बचत 60 प्रतिशत तक पहुंचती है।

तीन तरीके, तीन अलग हिसाब

तीन आंख वाले टुकड़े, सिरे से सिरा मिलाकर: प्रति हेक्टेयर करीब 37,500 टुकड़े लगते हैं। वजन के हिसाब से यह 50 से 60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बैठता है। यह सबसे पुराना और सबसे ज्यादा बीज खाने वाला तरीका है।

दो आंख वाले टुकड़े, 9 इंच की दूरी पर: प्रति हेक्टेयर 55 से 60 क्विंटल बीज लगता है। टुकड़े छोटे होते हैं, इसलिए संख्या ज्यादा होती है, पर वजन तीन आंख वाले तरीके के आसपास ही रहता है।

एक आंख वाले टुकड़े, 1 फुट की दूरी पर: प्रति हेक्टेयर सिर्फ 25 से 30 क्विंटल बीज लगता है। यानी तीन आंख वाले तरीके के मुकाबले बीज लगभग आधा रह जाता है।

एक हेक्टेयर में 2.47 एकड़ होते हैं। इस हिसाब से प्रति एकड़ मात्रा यूं बैठती है: तीन आंख वाले तरीके में 20 से 24 क्विंटल, दो आंख में 22 से 24 क्विंटल और एक आंख में 10 से 12 क्विंटल।

अपने खेत की गिनती खुद करें

किताबी आंकड़ा एक जगह से दूसरी जगह बदल सकता है, क्योंकि कतार की दूरी और गन्ने की मोटाई हर खेत में एक सी नहीं होती। अपने खेत का पक्का हिसाब निकालने का सबसे आसान तरीका 10 मीटर वाली गिनती है। एक कतार में 10 मीटर नापकर उसमें लगने वाले टुकड़े गिन लें। मान लीजिए 10 मीटर में 33 तीन आंख वाले टुकड़े सिरे से सिरा लगते हैं। 3 फुट की कतार दूरी पर एक एकड़ में करीब 4,430 मीटर कतार बनती है। 4,430 को 10 से भाग दें तो 443 हुआ। 443 को 33 से गुणा करें तो करीब 14,600 टुकड़े हुए। यही आपके एक एकड़ की जरूरत है।

इस गिनती में एक छोटी सी छूट भी जोड़ लें। काटते समय कुछ आंखें टूट जाती हैं और कुछ टुकड़े सूख जाते हैं। अनुभवी किसान 5 से 10 प्रतिशत बीज ज्यादा रखते हैं, ताकि बुवाई के बीच में कमी न पड़े।

कम बीज, ज्यादा जमाव: नर्सरी वाला तरीका

भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान लखनऊ के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा तरीका बताया है, जिससे बीज की खपत घटकर एक तिहाई तक रह जाती है। इसे सिंगल बड तकनीक कहते हैं। इसमें एक आंख वाले छोटे टुकड़ों से पहले खेत के किनारे छोटी नर्सरी तैयार की जाती है और फिर तैयार पौधों की रोपाई की जाती है। संस्थान के मुताबिक इस विधि में प्रति हेक्टेयर सिर्फ 17 से 18 क्विंटल बीज लगता है, जबकि सीधी बुवाई में 50 से 60 क्विंटल तक चला जाता है। एक हेक्टेयर के लिए करीब 25,000 पौधे चाहिए। सीधे खेत में बोने पर अंकुरण अक्सर 35 से 45 प्रतिशत ही रहता है, जबकि नर्सरी से यह 90 प्रतिशत से ऊपर पहुंच जाता है।

बीज चुनते समय चार जांच

बीज की मात्रा सही हो, पर बीज ही कमजोर हो तो गिनती बेकार जाती है। बीज गन्ना 8 से 10 महीने पुराना होना चाहिए। इससे पुराना गन्ना लेने पर अंकुरण की संभावना घट जाती है। गन्ने का ऊपरी एक तिहाई हिस्सा सबसे अच्छा जमाव देता है। लाल निशान, सड़न या कीट लगे गन्ने को बीज में बिल्कुल न लें। बीज ताजा काटें और काटने व बोने के बीच ज्यादा अंतर न रखें। बुवाई से पहले टुकड़ों को विशेषज्ञ की सलाह से फफूंदनाशक घोल में उपचारित करना भी जमाव बढ़ाता है।

देर बुवाई में हिसाब बदल जाता है

शरदकालीन बुवाई का सही समय मध्य सितंबर से अक्टूबर के अंत तक माना जाता है। इस समय बोया गया गन्ना लंबा बढ़ता है और बसंत की बुवाई के मुकाबले उपज भी ज्यादा देता है। पर देर बुवाई में बीज दर बढ़ जाती है। देर बुवाई में तीन आंख वाले टुकड़ों की जरूरत डेढ़ गुनी तक पहुंच जाती है, यानी करीब 56,000 टुकड़े प्रति हेक्टेयर। वजह सीधी है: ठंड और कम समय में जमाव घटता है, इसलिए ज्यादा आंखें बोकर भरपाई की जाती है। देर बुवाई करने वाले किसान को यह बात पहले से पता होनी चाहिए, नहीं तो खेत में खाली कतारें रह जाती हैं।

तीन गलतियां जो हर साल दोहराई जाती हैं

अंदाजे पर बीज मंगाना सबसे आम गलती है। किसान पिछले साल का अंदाजा इस साल भी लगा लेता है, जबकि किस्म, कतार दूरी और बुवाई का समय बदल चुका होता है।

दूसरी गलती पतला और पुराना बीज लेना है। सस्ता बीज महंगा पड़ता है, क्योंकि कम जमाव के बाद खेत में पौधों की संख्या ही कम रह जाती है। पर्ची, तौल और सट्टे की तरह बीज का हिसाब भी लिखित होना चाहिए: कितने टुकड़े, कितने क्विंटल, किस किस्म के, किस खेत में। तीसरी गलती बीज उपचार छोड़ देना है। उपचार का खर्च बीज की कीमत के मुकाबले बहुत कम है, पर फायदा पूरी फसल पर दिखता है।

मुख्य बातें

  • तीन आंख वाले तरीके में प्रति एकड़ 20 से 24 क्विंटल, दो आंख में 22 से 24 क्विंटल और एक आंख में 10 से 12 क्विंटल बीज लगता है।
  • 10 मीटर की गिनती से अपने खेत की पक्की जरूरत निकालें और 5 से 10 प्रतिशत बीज ज्यादा रखें।
  • सिंगल बड नर्सरी से बीज 17 से 18 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक घट जाता है और जमाव 90 प्रतिशत से ऊपर पहुंचता है।

स्रोत: भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान लखनऊ के हवाले से News18, कृषि जागरण, मनीकंट्रोल हिंदी और कृषक जगत की गन्ना बुवाई संबंधी रिपोर्टें।

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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