गन्ना भाव

गन्ना भाव का पूरा गणित: FRP ₹365 तय, SAP की घोषणा बाकी — ट्रॉली का हिसाब समझें

✍️ Aamir Raza · 🗓 30 Sep 2026 · ⏱ 5 मिनट में पढ़ें

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गन्ना भाव का पूरा गणित: FRP ₹365 तय, SAP की घोषणा बाकी — ट्रॉली का हिसाब समझें

मिल की पर्ची आने में अब कुछ ही दिन बचे हैं, और हर गन्ना किसान एक ही सवाल पूछ रहा है: इस बार गन्ने का भाव कौन-सा लगेगा? केंद्र सरकार ने सत्र 2026-27 का न्यूनतम भाव (FRP) ₹365 प्रति क्विंटल तय कर दिया है, लेकिन उत्तर प्रदेश का अपना भाव (SAP) अभी तक घोषित नहीं हुआ। समझिए, ये दो भाव आपके ट्रॉली के भुगतान को कैसे तय करते हैं।

पहली बात साफ कर लीजिए। FRP केंद्र सरकार का न्यूनतम भाव है, SAP राज्य सरकार का भाव है जो यूपी जैसे राज्यों में FRP से ऊपर तय किया जाता है। किसान को हमेशा इन दोनों में से ज्यादा वाला भाव मिलता है, बशर्ते रिकवरी का गणित सही हो।

FRP ₹365: कैसे तय हुआ और रिकवरी क्या है

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने 5 मई 2026 को हुई बैठक में सत्र 2026-27 के लिए गन्ने का FRP ₹365 प्रति क्विंटल तय किया। यह भाव 10.25 प्रतिशत की आधार रिकवरी पर लागू होगा। पिछले सत्र (2025-26) का FRP ₹355 था, यानी इस बार ₹10 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है।

रिकवरी का मतलब है कि 100 किलो गन्ने से कितनी चीनी बनती है। रिकवरी 10.25 प्रतिशत से ज्यादा होने पर भाव में ₹3.56 प्रति क्विंटल प्रति 0.1 प्रतिशत रिकवरी के हिसाब से प्रीमियम जुड़ता है। मसलन, 10.5 प्रतिशत रिकवरी पर भाव ₹365 से बढ़कर करीब ₹374 प्रति क्विंटल हो जाएगा। रिकवरी कम होने पर उसी अनुपात में कटौती होती है, लेकिन 9.5 प्रतिशत से नीचे रिकवरी पर भी किसान को ₹338.3 प्रति क्विंटल से कम नहीं मिलेगा।

PIB के अनुसार FRP तय करते समय गन्ने की उत्पादन लागत (A2+FL) ₹182 प्रति क्विंटल मानी गई, यानी FRP लागत से करीब 100 प्रतिशत ज्यादा है।

यूपी का SAP: पिछले सत्र ₹400, नए की घोषणा बाकी

उत्तर प्रदेश में किसानों को FRP नहीं, राज्य सरकार का SAP मिलता है, जो हमेशा FRP से ऊपर रहता है। सत्र 2025-26 के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 29 अक्टूबर 2025 को ₹30 प्रति क्विंटल की रिकॉर्ड बढ़ोतरी घोषित की थी, जिसे 14 नवंबर 2025 को कैबिनेट ने मंजूरी दी। इसके बाद अगेती गन्ने का भाव ₹400, सामान्य गन्ने का ₹390 और अनुपयुक्त किस्म का ₹355 प्रति क्विंटल तय हुआ। गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी के मुताबिक इस बढ़ोतरी से किसानों को करीब ₹3,000 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान मिला।

लेकिन सत्र 2026-27 के लिए SAP की घोषणा अभी बाकी है। गांव जंक्शन की 16 सितंबर की रिपोर्ट में लिखा गया कि केंद्र ने FRP ₹365 तय कर दी है, जबकि SAP को लेकर राज्यों में अभी खामोशी बनी हुई है। नवभारत टाइम्स की 26 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार कितना इजाफा करेगी, यह अभी साफ नहीं है, हालांकि दीवाली के आसपास ₹40 से ₹50 प्रति क्विंटल बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।

ट्रॉली का हिसाब: ₹35 प्रति क्विंटल का फर्क

अब सीधा गणित। अगर 2026-27 का SAP पिछले सत्र के ₹400 (अगेती) पर भी स्थिर रहता है, तो किसान को FRP ₹365 से ₹35 प्रति क्विंटल ज्यादा मिलेगा। एक किसान 100 क्विंटल गन्ना आपूर्ति करता है, तो यह फर्क ₹3,500 बनता है। सामान्य किस्म पर SAP ₹390 था, यानी वहां ₹25 प्रति क्विंटल यानी 100 क्विंटल पर ₹2,500 का फर्क।

और अगर दीवाली वाली उम्मीद सच होती है, यानी SAP में ₹40 से ₹50 की बढ़ोतरी होती है, तो अगेती गन्ने का भाव ₹440 से ₹450 प्रति क्विंटल तक पहुंच सकता है। तब 100 क्विंटल की ट्रॉली पर FRP के मुकाबले ₹7,500 से ₹8,500 तक ज्यादा मिलेगा। यह सिर्फ अनुमान है, असली आंकड़ा आधिकारिक घोषणा के बाद ही पता चलेगा।

किसान संगठन ₹500 से ₹600 की मांग पर अड़े

भाव की लड़ाई सिर्फ गणित तक सीमित नहीं है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने 9 सितंबर को मांग की थी कि गन्ने का मूल्य ₹500 से ₹600 प्रति क्विंटल के बीच तय हो और यह घोषणा पेराई सत्र शुरू होने से पहले होनी चाहिए। इसी मुद्दे पर 17 सितंबर को मुजफ्फरनगर में रात्रि महापंचायत भी बुलाई गई थी।

दबाव का एक कारण बाजार भी है। गांवों में कोल्हू और क्रशर पहले से चल रहे हैं और गन्ना ₹490 से ₹500 प्रति क्विंटल में खरीदा जा रहा है। जब खुले बाजार में ही ₹500 मिल रहा है, तो मिल का सरकारी भाव उससे कम हो, यह किसानों को बर्दाश्त नहीं।

मिलें 15 अक्टूबर से पेराई शुरू करेंगी

चीनी सत्र 2026-27 आधिकारिक तौर पर 1 अक्टूबर 2026 से शुरू हो गया है। शामली के जिलाधिकारी आलोक यादव ने थानाभवन, शामली और ऊन चीनी मिलों को 15 अक्टूबर तक पेराई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मुजफ्फरनगर की 8 मिलें 15 अक्टूबर के बाद पेराई शुरू करेंगी, जो पिछले साल से करीब 15 दिन पहले है। बिजनौर की मिलें भी 15 अक्टूबर तक चलने की तैयारी में हैं। भाव की घोषणा के लिए सरकार के पास अब ज्यादा समय नहीं बचा है।

मुख्य बातें

  • केंद्र ने सत्र 2026-27 का FRP ₹365 प्रति क्विंटल (10.25% रिकवरी पर) तय किया, पिछले सत्र से ₹10 ज्यादा।
  • यूपी का SAP 2026-27 अभी घोषित नहीं; 2025-26 में अगेती ₹400 और सामान्य ₹390 था।
  • किसान संगठनों की मांग ₹500 से ₹600 प्रति क्विंटल, 15 अक्टूबर से मिलें पेराई शुरू करेंगी।

स्रोत: PIB प्रेस विज्ञप्ति (5 मई 2026), द हिंदू (5 मई 2026), दैनिक जागरण (9 और 20 सितंबर 2026), लाइव हिंदुस्तान (7 सितंबर 2026), नवभारत टाइम्स (26 सितंबर 2026), गांव जंक्शन (16 सितंबर 2026)।

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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