1 अक्टूबर से नया गन्ना सीजन: eGanna ऐप पर पर्ची चेक के 5 स्टेप, SMS पर मिलेगी सूचना

पर्ची आएगी या नहीं, गन्ना कब तुलेगा, पैसा खाते में कब पहुंचेगा, ये तीन सवाल हर पेराई सत्र से पहले हर गन्ना किसान के घर में गूंजते हैं। इस साल की राहत की बात यह है कि इन तीनों सवालों का जवाब अब आपके फोन में है। चीनी सत्र 2026-27 आज 1 अक्टूबर से आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुका है, और उत्तर प्रदेश सरकार की eGanna ऐप व्यवस्था के तहत पर्ची, कैलेंडर और भुगतान की पूरी जानकारी घर बैठे देखी जा सकती है।
पहले के समय में किसानों को पर्ची या कैलेंडर की जानकारी के लिए मिल के अधिकारियों या समितियों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब ऑनलाइन व्यवस्था में घर बैठे किसी भी समय पर्ची का स्टेटस चेक हो जाता है, और सबसे बड़ी बात यह कि पर्ची जारी होते ही रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS से सूचना भेजी जाती है। उत्तर प्रदेश सरकार ने ई-गन्ना वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप खास तौर पर गन्ना किसानों के लिए शुरू किया है ताकि पर्ची की प्रक्रिया में पारदर्शिता आए और बिचौलियों का खेल खत्म हो।
eGanna ऐप पर पर्ची देखने के 5 आसान स्टेप
स्टेप 1: Google Play Store से आधिकारिक eGanna ऐप डाउनलोड करें, या अपने मोबाइल के ब्राउजर में गन्ना विभाग का आधिकारिक पोर्टल caneup.in खोलें।
स्टेप 2: पोर्टल के होमपेज पर “किसान भाई अपने आंकड़े देखें” वाला विकल्प चुनें। ऐप में अपना किसान कोड एक बार सेव कर लें, तो दोबारा लॉगिन की झंझट नहीं रहती।
स्टेप 3: जिला, फैक्ट्री (चीनी मिल), गांव और अपना नाम चुनें। अगर किसान कोड याद नहीं है, तो नाम और गांव दर्ज करके भी अपना डेटा खोजा जा सकता है।
स्टेप 4: “गन्ना कैलेंडर” पर क्लिक करें। यहां आपकी कुल पर्चियों का पूरा चार्ट दिखेगा, यानी कौन सी पर्ची किस तारीख को तुलेगी और किस क्रय केंद्र पर लेकर जाना है।
स्टेप 5: “सप्लाई टिकट” सेक्शन में देखें कि मिल ने आपकी कौन सी पर्ची जारी कर दी है। पर्ची जारी होते ही मोबाइल पर SMS की सूचना भी आती है, इसलिए ऐप में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर अपडेट रखें।
पर्ची में गलती हो तो तुरंत सुधार कराएं
कई बार कैलेंडर में नाम, रकबा या किस्म गलत दर्ज हो जाती है। घबराने की बात नहीं, पर्ची जारी होने से पहले किसानों को संशोधन कराने का मौका मिलता है ताकि गलत जानकारी सुधारी जा सके। इसलिए सीजन शुरू होते ही अपना कैलेंडर एक बार जरूर मिलान कर लें। अगर रकबा कम दिख रहा है या किस्म गलत है, तो समिति या क्रय केंद्र में संशोधन के लिए आवेदन करें। बाद में पर्ची के आधार पर ही तौल और भुगतान होगा, इसलिए यह जांच बिल्कुल शुरुआत में कर लेना फायदेमंद है।
भुगतान की स्थिति भी ऐप में दिखती है
eGanna ऐप सिर्फ पर्ची तक सीमित नहीं है। इसमें किसान सर्वे डेटा, गन्ना कैलेंडर, सप्लाई टिकट और तौल पर्ची जैसी सभी जानकारियां मिलती हैं। सबसे काम की सुविधा यह है कि पिछले पांच सालों का भुगतान रिकॉर्ड भी घर बैठे देखा जा सकता है। गन्ना तौल के बाद मिल ने कितना पैसा बैंक खाते में भेजा, बकाया कितना बचा, यह सब “भुगतान विवरण” सेक्शन में साफ दिखता है।
अगर भुगतान अटका है तो ऐप में शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी है। इसके अलावा टोल-फ्री किसान कॉल सेंटर 1800-121-3203 पर भी संपर्क किया जा सकता है। शिकायत करते समय अपनी तौल पर्ची की तारीख, मात्रा और किसान कोड नोट करके रखें, इससे निपटारा तेज होता है।
इस सीजन में दो बातें खास ध्यान रखें
पहली, अपने गन्ना सर्वे का रिकॉर्ड अभी से सत्यापित कर लें, जिसमें रकबा और किस्म सही दर्ज हों। दूसरी, बैंक खाता सक्रिय हो और आधार से लिंक हो, ताकि भुगतान में रुकावट न आए। पश्चिमी यूपी की मिलें करीब 20 अक्टूबर से पेराई शुरू करने की तैयारी में हैं, और सरकार ने 1 से 15 अक्टूबर के बीच चीनी बेचने का 14 लाख टन का कोटा भी जारी किया है। यानी सीजन की शुरुआत में ही मिलों के पास नकदी का चक्र चलने वाला है, जो भुगतान के लिए अच्छा संकेत है।
मुख्य बातें
- चीनी सत्र 2026-27 1 अक्टूबर से शुरू, eGanna ऐप और caneup.in पर पर्ची, कैलेंडर और भुगतान घर बैठे चेक करें।
- पर्ची जारी होते ही रजिस्टर्ड मोबाइल पर SMS सूचना आती है, गलत जानकारी का सुधार पहले कराएं।
- भुगतान अटका हो तो ऐप में शिकायत दर्ज करें या टोल-फ्री 1800-121-3203 पर संपर्क करें।
स्रोत: निहारिका टाइम्स (17 सितंबर 2026), उपटाक (28 सितंबर 2026), द हिंदू बिजनेसलाइन (30 सितंबर 2026), दैनिक जागरण (1 अक्टूबर 2026)।
