धामपुर मिल की पर्ची बदली: 2 नवंबर वाली अब 8 को तुलेगी, पेराई 11 से

धामपुर चीनी मिल से जुड़े किसानों के लिए तारीखों का कैलेंडर एक बार फिर बदल गया है। मिल का पेराई सत्र 5 नवंबर की जगह अब 11 नवंबर से शुरू होगा। सेंटरों पर गन्ने की तौल 8 नवंबर से शुरू होगी। जिन किसानों के हाथ में 2, 3 और 4 नवंबर की पर्ची है, उनकी तौल की तारीख आगे बढ़ा दी गई है।
बदलाव की वजह मौसम है। पिछले दिनों हुई भारी बारिश से खेतों में पानी भर गया। गन्ने की कटाई और छिलाई का काम रुक गया। ऐसे में तय तारीख पर पेराई शुरू करना मुमकिन नहीं रहा। मिल प्रबंधन ने हालात देखकर सत्र को छह दिन आगे खिसकाने का फैसला लिया।
पर्ची की नई तारीखें क्या हैं
सबसे जरूरी जानकारी पर्ची की नई तारीखों की है। गन्ना समिति की ओर से जारी आदेश के मुताबिक 2 नवंबर की पर्ची अब 8 नवंबर को तौली जाएगी। 3 नवंबर की पर्ची 9 नवंबर को और 4 नवंबर की पर्ची 10 नवंबर को तुलेगी।
इसका सीधा मतलब यह है कि पुरानी तारीख पर सेंटर पहुंचने का कोई फायदा नहीं होगा। किसान अपनी पर्ची पर लिखी तारीख को नई तारीख से मिलाकर ही गन्ना लेकर जाएं। गलत दिन सेंटर पहुंचने पर भीड़ भी बढ़ेगी और गन्ना सूखने का नुकसान भी होगा।
मिल ने पहले 5 नवंबर को सत्र शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली थी। पूजन भी हो चुका था। 2 नवंबर की तौल के लिए 30 हजार क्विंटल और 3 नवंबर के लिए 32 हजार क्विंटल का इंडेंट जारी किया गया था। बारिश ने इस पूरी तैयारी को रोक दिया। अब वही इंडेंट नई तारीखों के हिसाब से आगे बढ़ाया गया है।
धामपुर मिल का दायरा कितना बड़ा है
धामपुर मिल का क्षेत्र छोटा नहीं है। मिल क्षेत्र में करीब 530 गांव आते हैं। 90 हजार से ज्यादा किसान इस मिल को गन्ना आपूर्ति करते हैं। किसानों की सुविधा के लिए मिल ने 181 गन्ना सेंटर स्थापित किए हैं।
इतने बड़े दायरे में तारीख बदलने का असर भी बड़ा होता है। एक दिन की देरी भी हजारों किसानों की कटाई, ट्रॉली और मजदूरों की व्यवस्था को हिला देती है। इसलिए मिल प्रबंधन ने पर्ची की नई तारीखों का आदेश समितियों तक पहुंचा दिया है, ताकि किसान समय रहते अपनी तैयारी बदल सकें।
पिछले पेराई सत्र में धामपुर मिल 6 नवंबर को चालू हुई थी। इस बार 11 नवंबर की तारीख पिछले साल से भी पांच दिन आगे है। बिजनौर जिले में कुल दस चीनी मिलें हैं। जिले में 2.57 लाख हेक्टेयर में गन्ने की फसल है। जिले की बाकी मिलें भी नवंबर के पहले और दूसरे सप्ताह में अलग-अलग तारीखों पर चालू हो रही हैं।
किसान इन बातों का ध्यान रखें
तारीख बदलने के बाद सबसे पहला काम अपनी पर्ची की नई तारीख नोट करना है। पर्ची मिलने के बाद निर्धारित तिथि पर ही साफ-सुथरा और ताजा गन्ना तौल केंद्र पर लेकर पहुंचें। यह अपील मिल प्रबंधन की ओर से पहले भी की जा चुकी है।
दूसरी बात, खेत में पानी भरा हो तो जल्दबाजी में गीला और मिट्टी लगा गन्ना न काटें। ऐसा गन्ना तौल में घटतौली और कटौती दोनों का कारण बन सकता है। खेत सूखने के बाद ही कटाई करें, ताकि गन्ना साफ और ताजा रहे।
तीसरी बात, ट्रॉली और मजदूरों की व्यवस्था नई तारीख के हिसाब से दोबारा पक्की कर लें। पुरानी तारीख पर बुक किया गया साधन अब काम नहीं आएगा। सेंटर पर पहुंचने से पहले अपनी समिति से पर्ची की तारीख की पुष्टि कर लेना समझदारी होगी।
गन्ना मूल्य की घोषणा अभी बाकी
पेराई सत्र शुरू होने के बावजूद एक बड़ा सवाल अब तक अनुत्तरित है। 2026-27 सत्र के लिए गन्ने का मूल्य (SAP) अभी घोषित नहीं हुआ है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ज्यादातर मिलों में पेराई शुरू हो चुकी है, लेकिन किसान अब तक घोषित न हुए भाव का इंतजार कर रहे हैं।
पिछले सत्र 2025-26 का SAP अगेती के लिए 400 रुपये प्रति क्विंटल था। वह दर पुराने सत्र की है। नए सत्र की दर की घोषणा होने तक किसान को उसी पुरानी दर को इस सत्र की दर समझने की गलती नहीं करनी चाहिए। सरकार की घोषणा आते ही नई दर की जानकारी दी जाएगी।
जिला गन्ना अधिकारी बृजेश कुमार पटेल के मुताबिक बारिश से मिलों का संचालन प्रभावित हो रहा है। विभाग की कोशिश है कि जल्द से जल्द सभी मिलों का पेराई सत्र शुरू कराया जाए। किसानों को सलाह है कि वे पर्ची और तौल से जुड़ी किसी भी परेशानी के लिए अपनी गन्ना समिति से संपर्क करें। गन्ना विभाग का टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 भी मदद के लिए उपलब्ध है।
मुख्य बातें
- धामपुर चीनी मिल का पेराई सत्र 5 नवंबर की जगह अब 11 नवंबर से शुरू होगा।
- सेंटरों पर तौल 8 नवंबर से होगी; 2, 3 और 4 नवंबर की पर्चियां क्रमशः 8, 9 और 10 नवंबर को तुलेंगी।
- 2026-27 सत्र के गन्ना मूल्य (SAP) की घोषणा अभी बाकी है; पुरानी दर को नए सत्र की दर न समझें।
स्रोत: अमर उजाला, बिजनौर (3 नवंबर 2026); अमर उजाला, बिजनौर (1 नवंबर 2026); नवभारत टाइम्स (30 अक्टूबर 2026)।
