धामपुर मिल में 2 नवंबर से गन्ना तौल, 62,000 क्विंटल का इंडेंट जारी

धामपुर चीनी मिल से जुड़े किसानों का इंतजार अब खत्म होने की कगार पर है। मिल प्रबंधन ने विधि विधान से पूजन करने के बाद पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ने की तौल का इंडेंट जारी कर दिया है। दो नवंबर से मिल क्षेत्र में गन्ने की तौल शुरू हो जाएगी, और पहले दो दिन के लिए कुल 62,000 क्विंटल गन्ने का इंडेंट दिया गया है।
खेतों में कटाई और छिलाई की तैयारी कर रहे किसानों के लिए यह खबर इसलिए भी अहम है क्योंकि इसी इंडेंट के आधार पर समितियों से पर्चियां जारी होंगी। पर्ची मिलते ही किसान तय तिथि पर अपना गन्ना तौल केंद्र पर ले जा सकेंगे।
दो दिन का इंडेंट: 30 हजार और 32 हजार क्विंटल
मिल प्रबंधन ने बृहस्पतिवार को 30 हजार क्विंटल गन्ने का इंडेंट जारी किया। यह इंडेंट दो नवंबर की तौल के लिए है। इसके साथ ही तीन नवंबर की तौल के लिए 32 हजार क्विंटल का इंडेंट भी जारी कर दिया गया है। दोनों दिन मिलाकर शुरुआती तौल का आंकड़ा 62,000 क्विंटल तक पहुंच गया है।
शुरुआत में इंडेंट का आंकड़ा सीमित रखना आम बात है। मिल पहले दिन के संचालन को परखती है और फिर धीरे धीरे मात्रा बढ़ाती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे पर्ची पर लिखी तिथि पर ही गन्ना लेकर पहुंचें, ताकि केंद्रों पर भीड़ और ट्रालियों का लंबा इंतजार न बढ़े।
सात समितियों को पर्चियां जारी करने का इंडेंट
मिल क्षेत्र में शामिल सात समितियों को गन्ना पर्चियां जारी करने के लिए इंडेंट दिया गया है। यानी धामपुर मिल से जुड़ी सभी समितियों के किसान इस सत्र की पर्ची व्यवस्था से जुड़ गए हैं। समिति स्तर पर पर्ची वितरण शुरू होने के बाद किसानों को अपने गांव और केंद्र की जानकारी साफ साफ मिल जाएगी।
मिल परिसर में हुए पूजन कार्यक्रम में मिल उपाध्यक्ष आशीष शर्मा और सहायक उपाध्यक्ष संजीव कुमार मौजूद रहे। दोनों ने पेराई सत्र के निर्विघ्न संचालन और किसानों की खुशहाली की कामना की। पूजन के बाद ही खरीद प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया गया।
उपाध्यक्ष आशीष शर्मा ने किसानों से अपील की है कि वे पर्ची मिलने के बाद निर्धारित तिथि पर ही साफ सुथरा और ताजा गन्ना तौल केंद्र पर लेकर पहुंचें। सूखा या जला हुआ गन्ना तौल में अड़चन बनता है और रिकवरी पर भी असर डालता है। ताजा गन्ना मिल को भी फायदा देता है और किसान को भी, क्योंकि वजन और गुणवत्ता दोनों सही रहते हैं।
तौल 2 नवंबर से, जिले में पेराई नवंबर के पहले पखवाड़े में
धामपुर मिल के लिए गन्ना विभाग की ओर से पेराई शुरू करने की प्रस्तावित तिथि 6 नवंबर बताई गई थी। तौल दो नवंबर से शुरू हो रही है, यानी केंद्रों पर गन्ना पहुंचने का सिलसिला पेराई से कुछ दिन पहले ही शुरू हो जाएगा। इससे मिल के पास पेराई के पहले दिन से ही पर्याप्त गन्ना उपलब्ध रहेगा।
बिजनौर जिले की बात करें तो यहां करीब 2.57 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की फसल है और जिले में दस चीनी मिलें संचालित होती हैं। विभागीय अनुमान के मुताबिक जिले की ज्यादातर मिलें नवंबर के पहले और दूसरे सप्ताह में चल पड़ेंगी। देर तक हुई बारिश के कारण इस बार गन्ने में चीनी का परता आठ प्रतिशत से कम बताया जा रहा है, यही वजह है कि मिलों ने शुरुआत में सतर्क रुख अपनाया है।
किसान इन बातों का ध्यान रखें
पर्ची मिलने के बाद सबसे पहले उस पर लिखी तौल तिथि, केंद्र का नाम और गांव का विवरण ध्यान से देख लें। गलत केंद्र पर गन्ना ले जाने से समय और किराया दोनों बर्बाद होते हैं। नंबर बदल गया हो तो समिति पर जाकर मोबाइल नंबर दुरुस्त करा लें, क्योंकि पर्ची की सूचना SMS से भी मिलती है।
गन्ना काटने के बाद उसे ज्यादा दिन खेत में न रखें। सूखा गन्ना वजन में घटता है और मिल में उसकी गुणवत्ता भी कम आंकी जाती है। ट्राली भरते समय ऊपर तक गन्ना इस तरह लगाएं कि रास्ते में गिरे नहीं, वरना रास्ते का नुकसान भी किसान के ही खाते में जाता है।
इस सत्र में बारिश के कारण खेतों में नमी ज्यादा रही है। इसलिए कटाई से पहले खेत की मेड़ों और रास्तों की हालत देख लें, ताकि ट्राली फंसने की नौबत न आए। जिन किसानों ने पेड़ी रखी है, वे पेड़ी की देखभाल पर भी ध्यान दें, क्योंकि अगले सत्र की तैयारी इसी से शुरू होती है।
धामपुर मिल से जुड़े किसानों के लिए आगे क्या
दो नवंबर की तौल के बाद मिल प्रबंधन अगले दिनों के इंडेंट भी धीरे धीरे जारी करेगा। किसानों को सलाह है कि वे समिति और केंद्र से संपर्क बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें। पर्ची, तौल और भुगतान से जुड़ी सही जानकारी समिति और मिल के अधिकृत माध्यमों से ही मिलती है। बारिश से प्रभावित रही फसल के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि तौल और पेराई बिना रुकावट चले और भुगतान समय पर मिले।
मुख्य बातें
- धामपुर चीनी मिल में 2 नवंबर से गन्ने की तौल शुरू होगी, पहले दिन 30 हजार क्विंटल का इंडेंट जारी हुआ है।
- 3 नवंबर की तौल के लिए 32 हजार क्विंटल का इंडेंट दिया गया है, दोनों दिन कुल 62,000 क्विंटल गन्ना तौला जाएगा।
- मिल क्षेत्र की सात समितियों को पर्चियां जारी करने का इंडेंट मिला है, और पेराई की प्रस्तावित तिथि 6 नवंबर है।
स्रोत: अमर उजाला (30 अक्टूबर 2026), अमर उजाला (25 अक्टूबर 2026)
