गन्ना भाव

चीनी ₹700 उछली, बरकातपुर का भाव ₹5,400: गन्ना किसानों के भुगतान पर क्या असर?

✍️ Aamir Raza · 🗓 04 Nov 2026 · ⏱ 5 मिनट में पढ़ें

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चीनी ₹700 उछली, बरकातपुर का भाव ₹5,400: गन्ना किसानों के भुगतान पर क्या असर?

नवंबर के पहले पखवाड़े में ही चीनी के बाजार ने किसानों और व्यापारियों, दोनों को चौंका दिया है। दामों में एक साथ करीब ₹700 प्रति क्विंटल का उछाल आया है। बिजनौर की बरकातपुर चीनी मिल की नए पेराई सत्र की चीनी ₹5,400 प्रति क्विंटल के भाव पर तय हुई है, जबकि प्रदेश की ज्यादातर मिलें अभी पेराई की तैयारी में ही लगी हैं।

बरकातपुर में क्या तय हुआ

बरकातपुर मिल, जो उत्तम शुगर मिल्स समूह की है और नजीबाबाद तहसील में पड़ती है, ने इस सत्र की पेराई जिले में सबसे पहले शुरू की थी। एक नवंबर को मिल का पेराई सत्र विधिवत शुरू हुआ। अब मिल की चालू सत्र की चीनी ₹5,400 प्रति क्विंटल के दाम पर तय हुई है, जबकि द्वारिकेश समूह की पिछले सत्र की चीनी ₹5,100 प्रति क्विंटल पर बिकी थी।

बरकातपुर में हो रही पेराई में गन्ने से चीनी की रिकवरी 7.70 प्रतिशत आ रही है। सीधी भाषा में इसका मतलब यह है कि 100 किलो गन्ने से करीब 7.70 किलो चीनी निकल रही है। मिल प्रबंधन का कहना है कि बरसात ने गन्ने की रिकवरी को नीचे खींचा है।

दाम क्यों भाग रहे हैं

इस तेजी के पीछे तीन कारण एक साथ काम कर रहे हैं। पहला, कई मिलों की पेराई शुरू होने में देरी हुई है। दूसरा, गन्ने से चीनी की रिकवरी कम आ रही है। तीसरा, मिलों के गोदाम पिछले सत्र की चीनी से लगातार खाली हो रहे हैं, और स्थानीय बाजार में उत्तर प्रदेश में बनी नई चीनी अभी पहुंची ही नहीं है।

मांग और आपूर्ति का गणित सीधा है। जब बाजार में चीनी कम हो और त्योहारों के बाद भी मांग बनी रहे, तो दाम ऊपर जाते हैं। सरकार ने नवंबर के पहले पखवाड़े के लिए मिलों का बिक्री कोटा भी घटाकर 1.30 करोड़ क्विंटल कर दिया है। इस कोटे में उत्तर प्रदेश की मिलें 41 लाख क्विंटल से अधिक चीनी बेचेंगी।

बिजनौर जिले की तस्वीर देखें तो यहां 10 चीनी मिलें 2.57 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्र की पेराई करेंगी। बरकातपुर के बाद जिले की बाकी मिलें भी नवंबर के पहले पखवाड़े में चलने की तैयारी में हैं।

देश भर की तस्वीर भी यही कहानी कह रही है

यह सिर्फ उत्तर प्रदेश की कहानी नहीं है। महाराष्ट्र और कर्नाटक, जो देश के दो बड़े गन्ना उत्पादक राज्य हैं, वहां भी चीनी की रिकवरी 1.30 प्रतिशत तक कम आ रही है। राष्ट्रीय सहकारी चीनी मिल महासंघ के आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर में देश की 152 मिलों ने करीब 8.45 लाख टन चीनी बनाई।

रिकवरी का राष्ट्रीय औसत भी नीचे आया है। इस सीजन में अब तक औसत रिकवरी 8.01 प्रतिशत रही है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 8.44 प्रतिशत थी। महाराष्ट्र में अक्टूबर में 123 मिलों ने पेराई शुरू की और 7.20 लाख टन चीनी बनाई, वहां रिकवरी 7.90 प्रतिशत रही। उत्तर प्रदेश में अक्टूबर के दौरान तीन मिलों ने पेराई शुरू की थी, लेकिन तब तक चीनी का उत्पादन शुरू नहीं हुआ था।

फुटकर बाजार में भी असर दिख रहा है

थोक दामों की तेजी फुटकर बाजार तक पहुंच चुकी है। बरेली में चीनी चार दिन के भीतर करीब ₹400 प्रति क्विंटल बढ़कर 64 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। इससे पहले शहर में चीनी 60 रुपये प्रति किलो बिक रही थी। बुलंदशहर में भी दीपावली से पहले चीनी के दाम बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो हो गए हैं।

किसान पर सीधा असर क्या होगा

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि चीनी के महंगे होने से गन्ना किसान को क्या मिलेगा। जवाब दो हिस्सों में बंटा है। एक तरफ, चीनी महंगी बिकने से मिलों की आमदनी बढ़ती है। मिल के पास नकदी आती है तो गन्ना भुगतान की क्षमता भी मजबूत होती है। जिन किसानों का पिछले सत्र का बकाया अटका है, उनके लिए यह अच्छी खबर मानी जा सकती है।

दूसरी तरफ, कम रिकवरी मिलों के मुनाफे पर दबाव डालती है। एक क्विंटल गन्ने से जब कम चीनी बनेगी, तो मिल को वही आमदनी पाने के लिए ज्यादा गन्ना पेरना होगा। इसलिए चीनी का भाव बढ़ना अपने आप भुगतान की गारंटी नहीं बन जाता। भुगतान इस बात पर भी निर्भर करेगा कि मिल की पेराई कितनी सुचारू चलती है और रिकवरी आगे सुधरती है या नहीं।

इस बीच, गन्ने के राज्य परामर्श मूल्य (SAP) 2026-27 पर चर्चा चल रही है और किसान संगठनों की मांग ₹500 प्रति क्विंटल तक की है। केंद्र सरकार ने 2026-27 सीजन के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) ₹365 प्रति क्विंटल तय किया है, जो 10.25 प्रतिशत की मूल रिकवरी दर पर आधारित है। SAP का फैसला आने तक किसान अपनी पर्ची और तौल पर्ची संभालकर रखें।

मुख्य बातें

  • नवंबर के पहले पखवाड़े में चीनी के दामों में करीब ₹700 प्रति क्विंटल का उछाल आया है।
  • बिजनौर की बरकातपुर मिल की नए सत्र की चीनी ₹5,400 प्रति क्विंटल तय हुई, रिकवरी 7.70 प्रतिशत रही।
  • महाराष्ट्र और कर्नाटक में रिकवरी 1.30 प्रतिशत तक कम, राष्ट्रीय औसत 8.01 प्रतिशत बनाम पिछले साल 8.44 प्रतिशत।
  • बरेली में चीनी 64 रुपये और बुलंदशहर में 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंची; SAP 2026-27 पर फैसला अभी आना बाकी है।

स्रोत: दैनिक जागरण (4 नवंबर 2026, बिजनौर चीनी भाव रिपोर्ट; 2 नवंबर 2026, बिक्री कोटा रिपोर्ट), अमर उजाला (1-2 नवंबर 2026, बरकातपुर मिल पेराई शुभारंभ), एबीपी लाइव (3 नवंबर 2026, राष्ट्रीय चीनी उत्पादन और रिकवरी रिपोर्ट)।

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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