₹52 किलो चीनी: बाजार से ₹13 सस्ती, लखनऊ के इस केंद्र पर मिलेगी — जानें पता और टाइमिंग

शादी-त्योहार के सीजन में घर का खर्च गिनने बैठिए, तो चीनी की कटोरी सबसे पहले डराती है। लखनऊ की मंडियों में चीनी इन दिनों करीब ₹65 प्रति किलो बिक रही है, जबकि कुछ हफ्ते पहले यही भाव ₹10-15 कम था। ऐसे में खबर यह है कि राजधानी के एक सरकारी बिक्री केंद्र पर वही चीनी ₹52 प्रति किलो मिल रही है। यानी किलो पर ₹13 की सीधी बचत।
यह बिक्री केंद्र गन्ना विकास विभाग की ओर से खोला गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चीनी की कीमतों की समीक्षा के बाद अधिकारियों को साफ निर्देश दिया था कि आम लोगों को बढ़ते दामों से कोई परेशानी न होनी चाहिए। उसी निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम और सहकारी चीनी मिल संघ ने मिलकर यह रियायती बिक्री शुरू की है।
कहां और कब मिलेगी सस्ती चीनी
बिक्री केंद्र का पता है — लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान परिसर, लखनऊ। गौर करने वाली बात यह है कि यही संस्थान गन्ना किसानों के प्रशिक्षण और विकास का केंद्र है, और उसी परिसर में आम उपभोक्ताओं के लिए चीनी का बिक्री केंद्र बनाया गया है।
टाइमिंग की बात करें तो हर कार्य दिवस (सोमवार से शनिवार) सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक यहां चीनी खरीदी जा सकती है। विभाग का दावा है कि बिक्री केंद्र पर सुचारू खरीदारी के सारे इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं, ताकि भीड़ की स्थिति में भी लोगों को दिक्कत न हो।
कौन-से पैक में कितनी कीमत
रियायती दर पर चीनी अलग-अलग पैकों में मिल रही है:
| पैक | कीमत |
|---|---|
| 1 किलो | ₹52 |
| 2 किलो | ₹102 |
| 5 किलो | ₹250 |
| 50 किलो | ₹2,500 |
एक और राहत की बात: पीलीभीत की संपूर्णनगर सहकारी चीनी मिल में तैयार चीनी के पैक कुछ पैसे और सस्ते हैं। वहां 1 किलो का पैक ₹51, 2 किलो का ₹102, 5 किलो का ₹245 और 50 किलो का पैक ₹2,400 में मिल रहा है। यानी थोक में खरीदने वाले परिवारों की बचत और बढ़ जाती है।
फैसला क्यों लिया गया
इस फैसले की पृष्ठभूमि में चीनी के बढ़ते भाव हैं। किसान तक की 15 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, त्योहारी सीजन में चीनी की खपत बढ़ जाती है और इस वक्त खुदरा भाव सामान्य से 10-15 रुपये ऊपर चल रहे थे। इसी महीने की 15 तारीख (बुधवार) को मुख्यमंत्री ने चीनी उद्योग और गन्ना विकास विभाग के अधिकारियों के साथ कीमतों की समीक्षा की, जिसके बाद रियायती बिक्री का निर्णय लिया गया।
केंद्र सरकार ने भी कीमतों को थामने के लिए कदम उठाए हैं। जारी अधिसूचना के अनुसार चीनी डीलरों के लिए स्टॉक रखने की सीमा घटाकर 1,000 क्विंटल कर दी गई है। यह नियम 15 अक्टूबर से 30 नवंबर तक लागू रहेगा, ताकि जमाखोरी से दाम न बढ़ें।
किसानों के लिए इसका क्या मतलब है
पहला और सबसे जरूरी सवाल: क्या इससे गन्ने का भाव घटेगा? जवाब साफ है — नहीं। गन्ने की कीमत राज्य परामर्शी मूल्य (SAP) और केंद्रीय उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) से तय होती है। यह रियायती बिक्री चीनी निगम और मिल संघ के अपने स्टॉक से हो रही है, इसका गन्ने के भाव से कोई लेना-देना नहीं है। वैसे भी साफ कर दें कि 2026-27 सत्र के SAP की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, इसलिए पिछले सत्र की दर को इस सत्र की दर समझने की भूल न करें।
दूसरा पहलू सीधे किसान के परिवार से जुड़ा है। त्योहार हो या घर में शादी, मीठे के बिना काम नहीं चलता। जिस किसान के पास चीनी की खरीदारी भारी पड़ रही है, उसके लिए ₹13 प्रति किलो की छूट कोई छोटी बात नहीं। खासकर शादियों के सीजन में जब एक साथ 20-50 किलो चीनी लग जाती है, तो 50 किलो के पैक पर ₹500 से ज्यादा की बचत होती है।
तीसरी बात उम्मीद की है। फिलहाल यह सुविधा सिर्फ लखनऊ में शुरू हुई है, लेकिन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर बाजार की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो अन्य शहरों में भी सस्ती चीनी की बिक्री बढ़ाई जा सकती है। अपने जिले में ऐसी सुविधा शुरू होती है या नहीं, इसके लिए स्थानीय गन्ना विकास कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर नजर रखें।
एक जरूरी सुझाव
अगर आप लखनऊ या आसपास से हैं और बिक्री केंद्र जाने की योजना बना रहे हैं, तो सुबह के समय जाएं। त्योहारी सीजन में मांग ज्यादा रहती है और दिन ढलते-ढलते स्टॉक घट सकता है। थोक पैक (50 किलो) उन्हीं परिवारों के लिए सही है, जिनकी जरूरत बड़ी है, वरना 5 किलो के पैक की दर भी रियायती ही है।
मुख्य बातें
- लखनऊ के लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान परिसर में ₹52 प्रति किलो चीनी मिल रही है, जबकि बाजार भाव करीब ₹65 है।
- हर कार्य दिवस सुबह 10 से शाम 5 बजे तक बिक्री; 1, 2, 5 और 50 किलो के पैक उपलब्ध।
- गन्ने के भाव (SAP/FRP) पर इसका कोई असर नहीं; 2026-27 के SAP की घोषणा अभी बाकी है।
स्रोत: किसान तक (15 अक्टूबर 2026), दैनिक न्यूज़ इंडिया (16 अक्टूबर 2026)
