10 दिन में ₹1000 महंगी चीनी के बाद राहत: 14 लाख टन कोटा जारी, यूपी को 4.51 लाख टन

सिर्फ दस दिनों में चीनी का एक्स-मिल भाव करीब एक हजार रुपये प्रति क्विंटल चढ़ गया। उपभोक्ता कार्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 13 अक्टूबर को देश में औसत खुदरा दाम 56.67 रुपये प्रति किलो और थोक भाव 5,254.91 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज हुआ। त्योहारी सीजन से ठीक पहले आई यह तेजी सरकार के रडार पर आ गई, और जवाब में केंद्र ने तय समय से दो दिन पहले ही 13 से 31 अक्टूबर के लिए घरेलू बाजार में चीनी बिक्री का कोटा जारी कर दिया। मिलों को इस पखवाड़े में कुल 14 लाख टन चीनी बेचने की अनुमति मिली है, और उत्तर प्रदेश को इसका सबसे बड़ा हिस्सा, 4.51 लाख टन, आवंटित हुआ है।
भाव में इतनी तेज़ी क्यों आई
वजह बाजार में आपूर्ति को लेकर बनी चिंता थी। खाद्य मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से खबरों के मुताबिक अक्टूबर के पहले पखवाड़े का बिक्री कोटा कई मिलों ने तय समय से पहले ही खत्म कर दिया था। इससे बाजार में चीनी की कमी की अटकलें फैलीं और भाव चढ़ने लगे। दशहरे की मांग का दौर अब पीछे है, लेकिन दिवाली की मांग अभी सामने है, इसलिए व्यापारियों और डीलरों में स्टॉक जमा करने की होड़ शुरू हो गई थी।
एक तस्वीर का दूसरा पहलू भी समझना जरूरी है। मंत्रालय के अनुसार खुदरा दाम अगस्त के शिखर से करीब 15 प्रतिशत नीचे आ चुके थे और एक्स-मिल भाव में लगभग 28 प्रतिशत की गिरावट आई थी। हाल की तेजी उसी स्थिर होती कीमत व्यवस्था के भीतर अचानक आई है।
दो दिन पहले जारी कोटे में यूपी को सबसे ज़्यादा
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (डीएफपीडी) के आदेश के अनुसार 13 से 31 अक्टूबर के लिए घरेलू मिलों को 14 लाख टन चीनी बेचने का कोटा मिला है। यह आवंटन तय समय से दो दिन पहले जारी किया गया ताकि दिवाली से पहले आपूर्ति बनी रहे। आयातकों को इसके अतिरिक्त 2 लाख टन का अलग कोटा दिया गया है।
राज्यवार बंटवारे में महाराष्ट्र को 4,76,000 टन, उत्तर प्रदेश को 4,51,000 टन और कर्नाटक को 2,32,000 टन मिला है। तीनों राज्य मिलकर कुल आवंटन का करीब 83 प्रतिशत यानी 11.59 लाख टन लेते हैं। कोटा 587 मिलों पर लागू हुआ है, जिनमें से 134 मिलों को कोई कोटा नहीं मिला और 39 मिलों को 100 टन तक का छोटा कोटा दिया गया है। दो रिफाइनर कंपनियों को भी कोटा मिला है: श्री रेणुका शुगर्स को 1.30 लाख टन और श्री दत्त इंडिया को 70,000 टन।
डीलरों पर आज से स्टॉक सीमा लागू
कोटा जारी करने के साथ ही सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए डीलरों पर स्टॉक सीमा भी सख्त कर दी है। गजट अधिसूचना के मुताबिक 15 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक कोई भी चीनी डीलर एक बार में 1000 क्विंटल से ज्यादा चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेगा, और स्टॉक रखने की अधिकतम अवधि 15 दिन होगी। यह नियम पूरे देश में लागू है, सिर्फ कोलकाता महानगर क्षेत्र और असम को इससे बाहर रखा गया है।
सीमा घटाने का सिलसिला लगातार चल रहा है: अगस्त में 4000 क्विंटल (30 दिन की अवधि), फिर 15 सितंबर से 2000 क्विंटल, और अब सीधे 1000 क्विंटल। दो महीने के भीतर डीलरों को मिलने वाली स्टॉक छूट एक-चौथाई रह गई है। मंत्रालय का कहना है कि इसका मकसद वितरण श्रृंखला में चीनी का अनावश्यक जमाव रोकना और उपभोक्ता तक चीनी की सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करना है।
यूपी के गन्ना किसानों की जेब तक यह राहत कैसे पहुंचेगी
सबसे सीधा असर चीनी मिलों की वित्तीय सेहत पर होगा। जब भाव मजबूत रहते हैं तो मिलों के पास नकदी का प्रवाह अच्छा रहता है, और यही पैसा आगे चलकर किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान में तब्दील होता है। प्रदेश की 122 चीनी मिलों के लिए पेराई सत्र से पहले यह मजबूत शुरुआत है।
दूसरा असर समय पर पेराई शुरू होने से जुड़ा है। महाराष्ट्र में मिलें 15 अक्टूबर के आसपास और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20 अक्टूबर के आसपास पेराई शुरू करने की तैयारी में हैं। सरकार ने अक्टूबर में पेराई शुरू करने वाली मिलों को तय कोटे से अतिरिक्त उत्पादित चीनी अक्टूबर-नवंबर में कभी भी बेचने की छूट भी दी है। जल्दी पेराई शुरू होने से किसानों के खेत जल्दी खाली होंगे और रबी की बुआई समय पर हो सकेगी।
एक बात स्पष्ट रखना जरूरी है। 2026-27 सत्र के लिए उत्तर प्रदेश के गन्ने के राज्य परामर्श मूल्य (एसएपी) की घोषणा अभी बाकी है। 2025-26 सत्र का एसएपी अगेती किस्म के लिए 400 रुपये प्रति क्विंटल था, लेकिन नए सत्र का भाव सरकार के फैसले के बाद ही तय होगा। किसान अफवाहों पर भरोसा न करें और आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें।
किसान इस सीजन में क्या करें
अपनी पर्ची और सट्टे के दस्तावेज संभालकर रखें, क्योंकि पेराई शुरू होने के साथ ही तौल और भुगतान की प्रक्रिया तेज होगी। गन्ना काटने की तारीख मिल के इंडेंट के अनुसार तय करें ताकि खेत जल्दी खाली हो और रबी की बुआई में देरी न हो। eGanna ऐप पर अपने भुगतान की स्थिति नियमित जांचते रहें।
मुख्य बातें
- 13 अक्टूबर को चीनी का औसत खुदरा भाव 56.67 रुपये/किलो पहुंचा था; 10 दिन में एक्स-मिल भाव में करीब ₹1000/क्विंटल का उछाल आया।
- 13 से 31 अक्टूबर के लिए 14 लाख टन चीनी का कोटा दो दिन पहले जारी; यूपी को सबसे ज्यादा 4.51 लाख टन मिला, महाराष्ट्र को 4.76 लाख टन, कर्नाटक को 2.32 लाख टन।
- 15 अक्टूबर से 30 नवंबर तक डीलर 1000 क्विंटल से ज्यादा स्टॉक नहीं रख पाएंगे, सीमा 15 दिन; कोलकाता और असम को छूट।
स्रोत: बिजनेस स्टैंडर्ड, फ्री प्रेस जर्नल, टाइम्स नाउ
