गन्ना भाव

गन्ना भाव में छत्तीसगढ़ नंबर-1: ₹425 हुआ रेट, यूपी किसानों के लिए क्या मतलब

✍️ Aamir Raza · 🗓 18 Oct 2026 · ⏱ 4 मिनट में पढ़ें

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गन्ना भाव में छत्तीसगढ़ नंबर-1: ₹425 हुआ रेट, यूपी किसानों के लिए क्या मतलब

8 अक्टूबर 2026 की सुबह छत्तीसगढ़ के 33 जिलों के कलेक्टर कार्यालयों के बाहर ट्रैक्टरों की कतारें लगी थीं। भारतीय किसान संघ के आह्वान पर किसान ट्रैक्टर रैली निकालकर पहुंचे और जिलाधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। ज्ञापन में धान की बकाया राशि, समर्थन मूल्य, सिंचाई और बिजली के मुद्दों के साथ गन्ने का भाव बढ़ाने की मांग भी शामिल थी। (डैनिक जागरण इंग्लिश, 10 अक्टूबर 2026)

दो दिन बाद, 10 अक्टूबर को वही मांग रायपुर में मुख्यमंत्री के दरबार पहुंची, और वहां से खबर अच्छी निकली। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद गन्ने की खरीद दर ₹355 से बढ़ाकर ₹425 प्रति क्विंटल करने का ऐलान कर दिया। सीधे ₹70 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी। बैठक में संगठन मंत्री मनीष शर्मा और महामंत्री नवीन शेष के नेतृत्व में किसान प्रतिनिधि मौजूद थे, साथ ही उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा भी। दोनों उपमुख्यमंत्रियों की मौजूदगी बताती है कि यह कोई रोजमर्रा का फाइल-निपटारा नहीं, सरकार के स्तर का बड़ा फैसला था। (डेक्कन क्रॉनिकल, 10 अक्टूबर 2026; नेशन प्रेस)

₹70 की बढ़ोतरी, पहले बेचे गन्ने पर भी लागू

इस फैसले की सबसे खास बात यह है कि नई दर सिर्फ आगे की खरीद पर नहीं, पूरे पेराई सत्र 2025-26 पर लागू होगी। जिन किसानों ने सत्र शुरू होने के बाद अब तक गन्ना बेचा है, उन्हें भी अंतर का भुगतान मिलेगा।

राज्य में सिर्फ चार सहकारी चीनी मिलें चलती हैं, इसलिए सरकार का फैसला इन पर सीधे लागू होता है। निजी मिलों वाली व्यवस्था में ऐसी घोषणा के बाद दर और शर्तों पर लंबी खींचतान होती है, लेकिन सहकारी ढांचे में आदेश निकलते ही अमल शुरू हो जाता है। यही वजह है कि घोषणा के साथ ही बोनस की गणना भी सामने आ गई।

31,022 किसान, ₹51.09 करोड़ का बोनस

बोनस की गणना का आधार भी अब ₹355 की जगह ₹425 प्रति क्विंटल हो गया है। इस नई दर के हिसाब से राज्य की चार सहकारी चीनी मिलों से जुड़े 31,022 गन्ना किसानों को पेराई सत्र 2025-26 के लिए कुल मिलाकर लगभग ₹51.09 करोड़ का बोनस मिलेगा। (द वर्ल्ड ओपिनियन, 12 अक्टूबर 2026; पंजाब केसरी)

छत्तीसगढ़ देश का छोटा गन्ना उत्पादक राज्य है। कुल उत्पादन के लिहाज से इसकी हिस्सेदारी यूपी या महाराष्ट्र के मुकाबले नगण्य है। फिर भी किसानों को उनकी उपज का देश में सबसे ऊंचा भाव मिलने का दावा अब छत्तीसगढ़ कर रहा है। भाव की तुलना करें तो उत्तर प्रदेश में पेराई सत्र 2025-26 के लिए अगेती गन्ने का एसएपी ₹400 और सामान्य गन्ने का ₹390 प्रति क्विंटल तय था। (ट्रैक्टर जंक्शन; किसान इंडिया) इस हिसाब से छत्तीसगढ़ की नई दर यूपी के अगेती भाव से भी ₹25 ऊपर चली गई है।

यूपी के किसान के लिए असर क्या है?

पहली और ईमानदार बात: छत्तीसगढ़ का ₹425 वाला फैसला यूपी के किसान के खाते में सीधे एक रुपया नहीं डालता। यहां की 122 चीनी मिलों का भुगतान अपनी व्यवस्था और अपने एसएपी पर चलता है। छत्तीसगढ़ की दर का दबाव यूपी सरकार पर कानूनी तौर पर कुछ नहीं करता।

लेकिन राजनीति और किसान आंदोलनों की दुनिया में ऐसे फैसले सिर्फ आंकड़े नहीं होते, वे तर्क बन जाते हैं। यूपी में किसान संगठन लंबे समय से एसएपी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। जब देश का एक छोटा उत्पादक राज्य ₹425 की दर दे सकता है, तो देश के सबसे बड़े गन्ना उत्पादक राज्य में किसान पूछेगा कि उसे वही दर क्यों नहीं मिलनी चाहिए।

समय भी इस बहस के लिए मुफीद है। पश्चिमी यूपी की कई मिलें अक्टूबर के तीसरे-चौथे हफ्ते से पेराई शुरू करने की योजना बना चुकी हैं। पेराई सत्र 2026-27 के लिए यूपी सरकार ने एसएपी की घोषणा अभी नहीं की है। यानी भाव पर बातचीत की खिड़की फिलहाल खुली है। ऐसी घड़ी में दूसरे राज्यों के फैसले किसान पक्ष के पास मजबूत तर्क रखते हैं।

छत्तीसगढ़ की चारों मिलें सहकारी हैं, इसलिए सरकारी घोषणा का फायदा किसान तक बिना अटके पहुंचता है। यूपी में 122 मिलों में से ज्यादातर निजी हैं, जहां बकाया भुगतान की शिकायतें हर सत्र में उठती हैं। दर बढ़ाने के साथ-साथ भुगतान की गारंटी भी उतनी ही जरूरी है।

किसान के लिए व्यावहारिक सलाह

इस खबर से तुरंत कोई अधिकार नहीं मिलता, लेकिन सही कदम उठाने का समय जरूर मिलता है। पेराई शुरू होने से पहले अपने सर्वे का रिकॉर्ड जांच लें। किस्म और रकबा गलत दर्ज हुआ तो भुगतान घटता है। बैंक खाता आधार से जुड़ा और सक्रिय रखें, क्योंकि बोनस और अंतर का भुगतान सीधे खाते में आता है। अपने क्षेत्र के गन्ना विकास समिति और किसान संगठनों की बैठकों में शामिल हों, ताकि एसएपी को लेकर आपकी आवाज संगठित रूप से पहुंचे।

मुख्य बातें

  • छत्तीसगढ़ सरकार ने गन्ने की खरीद दर ₹355 से बढ़ाकर ₹425 प्रति क्विंटल की (₹70 की बढ़ोतरी), पूरे पेराई सत्र 2025-26 पर लागू।
  • 31,022 किसानों को चार सहकारी चीनी मिलों के जरिए करीब ₹51.09 करोड़ का बोनस मिलेगा।
  • यूपी में अगेती का एसएपी 2025-26 ₹400 था, यानी छत्तीसगढ़ की दर अब ₹25 आगे; पेराई सत्र 2026-27 का एसएपी अभी घोषित नहीं हुआ है।

स्रोत: डेक्कन क्रॉनिकल (10 अक्टूबर 2026), द वर्ल्ड ओपिनियन (12 अक्टूबर 2026), पंजाब केसरी, नेशन प्रेस

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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