बिलारी किसानों के लिए बड़ी खबर: 6 नवंबर से चलेगी लक्ष्मी जी मिल, 51 हजार क्विंटल इंडेंट

बिलारी के गन्ना किसानों के मोबाइल पर तोल पर्ची का मैसेज पहुंचने लगा है। इसका मतलब साफ है। मुरादाबाद जिले की बिलारी स्थित लक्ष्मी जी चीनी मिल का पेराई सत्र 6 नवंबर से शुरू होने जा रहा है। मिल ने गन्ना समिति को अगले चार दिन का इंडेंट भेज दिया है और समिति कार्यालय में खोले गए आईटी सेल से किसानों को पर्ची के संदेश भेजे जा रहे हैं।
जिन किसानों का गन्ना इस मिल को जाता है, उनके लिए यह खबर इसलिए भी अहम है क्योंकि पेराई शुरू होने के साथ ही खेत खाली होंगे और रबी की बुवाई का रास्ता खुलेगा। कई किसान हफ्तों से मिल चलने का इंतजार कर रहे थे।
इंडेंट का पूरा शेड्यूल
सहकारी गन्ना विकास समिति बिलारी के विशेष सचिव हशमुल हसन ने मिल की ओर से भेजे गए इंडेंट की पुष्टि की है। शेड्यूल इस तरह है:
- 4 नवंबर: 1,900 क्विंटल गन्ना आपूर्ति
- 5 नवंबर: 2,500 क्विंटल गन्ना आपूर्ति
- 6 नवंबर: 51,000 क्विंटल गन्ना आपूर्ति
- 7 नवंबर: 60,000 क्विंटल गन्ना आपूर्ति
पहले दो दिन इंडेंट जानबूझकर छोटा रखा गया है। मिल धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ेगी और 6 नवंबर से बड़े पैमाने पर पेराई शुरू होगी। 7 नवंबर का 60 हजार क्विंटल का इंडेंट बताता है कि मिल पूरी क्षमता की ओर बढ़ रही है।
इंडेंट जारी होने से पहले मिल में इंडेंट का पूजन भी किया गया। पूजन के बाद ही मिल की ओर से समिति कार्यालय को इंडेंट भेजा गया। मिल अधिकारियों ने साफ किया है कि इंडेंट के आधार पर ही समिति किसानों को तोल पर्ची जारी करती है और उसी के अनुसार मिल को गन्ना आपूर्ति होती है।
किन केंद्रों और गांवों का गन्ना जाएगा
इस सत्र के लिए गन्ना आयुक्त की ओर से बिलारी मिल का सुरक्षण आदेश पहले ही जारी हो चुका है। आरक्षित क्षेत्र लगभग पिछले साल के बराबर रखा गया है। समिति से मिली जानकारी के अनुसार बिलारी मिल को तुरखेड़ा, जलालपुर, कुंदरकी, स्योंडारा, जमालपुर, हाफिजपुर, मुबारकपुर, कासमपुर, सिरसी और तिमनपुर समेत कई क्रय केंद्र आवंटित किए गए हैं।
मिल के गेट से आसपास के 117 गांव जुड़े हुए हैं। बिलारी मिल क्षेत्र में 15,611 हेक्टेयर रकबे में गन्ने की फसल खड़ी है।
पिछले सत्र में कितना गन्ना पेरा गया
पिछले पेराई सत्र का हिसाब भी किसानों को जानना चाहिए, क्योंकि उसी से इस सत्र की उम्मीद बनती है। बीते सत्र में बिलारी चीनी मिल ने 42.87 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। समिति क्षेत्र की दो अन्य मिलों में मझावली ने 5.81 लाख क्विंटल और करीमगंज ने 5.53 लाख क्विंटल गन्ना पेरा था।
मझावली मिल ने भी अपना इंडेंट भेज दिया है। उसने 30 अक्टूबर के लिए 2,800 क्विंटल और 31 अक्टूबर के लिए 1,600 क्विंटल का इंडेंट दिया था। इससे साफ है कि बिलारी क्षेत्र की मिलें एक के बाद एक पटरी पर आ रही हैं।
किसान के लिए काम की बातें
पेराई शुरू होने पर छोटी-छोटी बातें ही सबसे ज्यादा काम आती हैं:
- तोल पर्ची का मैसेज मोबाइल पर आएगा। गन्ना तुलवाते समय वही मैसेज कांटे पर दिखाना होगा, इसलिए मैसेज को डिलीट न करें और फोन चार्ज रखें।
- समिति कार्यालय में आईटी सेल खोला गया है और तीन कर्मचारियों को पर्ची संदेश भेजने की जिम्मेदारी दी गई है। मैसेज न आए तो समिति कार्यालय से संपर्क करें।
- अपनी पर्ची की तारीख और क्रय केंद्र पहले से नोट कर लें। गलत केंद्र पर गन्ना ले जाने से समय और भाड़ा दोनों बर्बाद होते हैं।
- गन्ना कटाई उसी क्रम में कराएं, जिस क्रम में पर्ची मिली है। जल्दबाजी में कटा गन्ना खेत में सूखता है और वजन घटता है।
भाव का सवाल अभी बाकी है
पेराई शुरू हो रही है, लेकिन 2026-27 सत्र के गन्ना मूल्य (SAP) की घोषणा अभी बाकी है। किसान संगठनों की मांग है कि भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाए। 4 नवंबर को ही शामली के किसान प्रतिनिधिमंडल ने मथुरा में गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी से मिलकर बकाया भुगतान और भाव घोषणा की मांग उठाई थी। मंत्री ने कहा है कि भाव पर विचार-विमर्श चल रहा है और जल्द घोषणा होगी।
किसानों को सलाह यही है कि भाव की घोषणा पर नजर रखें और पर्ची व आपूर्ति का रिकॉर्ड संभालकर रखें।
प्रदेश में पेराई की रफ्तार
उत्तर प्रदेश में पेराई सत्र 2026-27 की शुरुआत हो चुकी है। गन्ना विकास विभाग के अनुसार प्रदेश की 9 चीनी मिलों में पेराई शुरू हो गई है, जिनमें सहकारी क्षेत्र की 1 और निजी क्षेत्र की 8 मिलें हैं। 33 मिलों ने गन्ना खरीद के लिए इंडेंट जारी कर दिया है। मुरादाबाद परिक्षेत्र की 2 मिलें भी उन 9 चालू मिलों में शामिल हैं।
बिलारी के किसानों के लिए 6 नवंबर की तारीख इसलिए खास है क्योंकि इसके बाद आपूर्ति का सिलसिला नियमित हो जाएगा। पर्ची मिली है तो तैयारी पूरी रखें, ट्रैक्टर-ट्रॉली और मजदूर का इंतजाम पहले से कर लें और मैसेज पर नजर बनाए रखें।
मुख्य बातें
- बिलारी की लक्ष्मी जी चीनी मिल में 6 नवंबर से पेराई सत्र 2026-27 शुरू होगा।
- चार दिन का इंडेंट जारी: 4 नवंबर को 1,900, 5 नवंबर को 2,500, 6 नवंबर को 51,000 और 7 नवंबर को 60,000 क्विंटल।
- किसानों को मोबाइल पर तोल पर्ची के मैसेज भेजे जा रहे हैं, जिसे तुलाई के समय दिखाना होगा।
स्रोत: अमर उजाला, मुरादाबाद (3 नवंबर 2026 और 30 अक्टूबर 2026); गन्ना विकास विभाग, उत्तर प्रदेश (4 नवंबर 2026)।
