बिलारी के किसानों को बड़ी राहत: 117 गांव अब सीधे मिल गेट पर तौलेंगे गन्ना

बिलारी के गन्ना किसानों के लिए इस पेराई सत्र की सबसे काम की खबर आ गई है। अब 117 गांव के किसान अपना गन्ना किसी क्रय केंद्र के चक्कर में नहीं, सीधे बिलारी चीनी मिल के गेट पर तौल सकेंगे। प्रदेश के गन्ना आयुक्त की ओर से वर्तमान पेराई सत्र के लिए बिलारी मिल का गन्ना सुरक्षण आदेश जारी कर दिया गया है।
सुरक्षण आदेश का मतलब सीधा है। हर चीनी मिल को एक तय गन्ना क्षेत्र आवंटित होता है, उसी के किसान उस मिल को आपूर्ति करते हैं। बिलारी मिल को इस बार आरक्षित क्षेत्र लगभग पिछले वर्ष के बराबर ही रहा है, यानी कोई बड़ा फेरबदल नहीं हुआ है। गेट वाले 117 गांवों के लिए यह खास राहत है, क्योंकि गेट पर तौल का मतलब है कम इंतजार और सीधी पहुंच।
किन क्रय केंद्रों पर क्या व्यवस्था रहेगी
सहकारी गन्ना विकास समिति बिलारी से मिली जानकारी के अनुसार, बिलारी की लक्ष्मी जी चीनी मिल को समिति क्षेत्र में कई क्रय केंद्र आवंटित किए गए हैं। इनमें तुरखेड़ा प्रथम, तुरखेड़ा तृतीय, जलालपुर प्रथम, जलालपुर द्वितीय, कुंदरकी प्रथम, कुंदरकी द्वितीय, कुंदरकी तृतीय, स्योंडारा द्वितीय, जमालपुर, हाफिजपुर, मुबारकपुर, कासमपुर द्वितीय, सिरसी और तिमनपुर प्रथम से पंचम तक शामिल हैं।
गेट वाली सुविधा सिर्फ उन्हीं 117 गांवों के लिए है जो मिल के आसपास गेट से जुड़े हैं। बाकी किसान अपने आवंटित क्रय केंद्र पर ही गन्ना देंगे। इसलिए पर्ची मिलने से पहले समिति से यह जरूर पूछ लें कि आपका गांव गेट सूची में है या किसी क्रय केंद्र से जुड़ा है। गलत जगह गन्ना लेकर पहुंचने पर लौटना पड़ सकता है।
समिति में 36,447 सदस्य, करीब 25 हजार आपूर्तिकर्ता
बिलारी, करीमगंज और मझावली, इन तीनों मिलों के कुल 297 गांव सहकारी गन्ना विकास समिति बिलारी से जुड़े हैं। समिति के विशेष सचिव हशमुल हसन ने बताया है कि समिति में कुल 36,447 कृषक सदस्य हैं, जिनमें से लगभग 25 हजार गन्ना आपूर्ति करने वाले सदस्य हैं। यानी इस आदेश का असर पूरे समिति क्षेत्र के हजारों परिवारों की पेराई योजना पर पड़ेगा।
बीते पेराई सत्र में समिति क्षेत्र के तीनों मिलों ने कुल 53.81 लाख क्विंटल गन्ने की क्रशिंग की थी। इसमें बिलारी का हिस्सा 42.87 लाख क्विंटल, मझावली का 5.81 लाख क्विंटल और करीमगंज का 5.53 लाख क्विंटल रहा। गन्ना परिषद और मिलों के सर्वे के अनुसार, इस समय बिलारी क्षेत्र में 15,611 हेक्टेयर, करीमगंज में 2,091 हेक्टेयर और मझावली में 1,872 हेक्टेयर रकबे में गन्ने की फसल खड़ी है। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर गन्ना आवंटन और पर्ची कैलेंडर बनता है।
मझावली ने भेजा 4,400 क्विंटल का इंडेंट, बिलारी में बॉयलर पूजन बाकी
पेराई की असली शुरुआत इंडेंट से दिखती है, और यहां मझावली मिल सबसे आगे है। मझावली ने गन्ना समिति बिलारी को 4,400 क्विंटल का इंडेंट भेज दिया है, जिसमें 30 अक्टूबर के लिए 2,800 क्विंटल और 31 अक्टूबर के लिए 1,600 क्विंटल शामिल है। मझावली से जुड़े किसान पर्ची मिलते ही गन्ना तैयार रखें।
बिलारी और करीमगंज मिलों ने अभी तक कोई इंडेंट नहीं भेजा है। बिलारी प्रबंधन का कहना है कि नवंबर के पहले सप्ताह में पेराई सत्र शुरू करने की तैयारी चल रही है, और आगामी सोमवार को बॉयलर पूजन प्रस्तावित है। बिलारी से जुड़े किसानों को अभी एक-दो दिन का इंतजार करना होगा, लेकिन कटाई और छिलाई की तैयारी अभी से पूरी रखना समझदारी है।
मुरादाबाद मंडल में पहले ही हो चुका है बड़ा आवंटन
बिलारी का यह आदेश अकेली खबर नहीं है। 23 अक्टूबर को मुरादाबाद मंडल की सात चीनी मिलों को कुल 110.52 लाख क्विंटल गन्ना और 76 क्रय केंद्र आरक्षित किए गए थे, जिसमें मझावली के लिए 12.44 लाख क्विंटल तय हुआ था। ताजा सुरक्षण आदेश उसी कड़ी का अगला कदम है, जिसमें अब गांव और केंद्र स्तर पर साफ हो गया है कि कौन सा किसान कहां गन्ना देगा।
पड़ोसी मेरठ मंडल में भी यही रफ्तार है। मवाना मिल ने 174 में से 162 क्रय केंद्र स्थापित कर लिए हैं, 31 अक्टूबर से तौल और 2 नवंबर से पेराई शुरू होगी। 31 अक्टूबर के लिए 30 केंद्रों पर 15 हजार क्विंटल और 1 नवंबर के लिए 30 हजार क्विंटल का इंडेंट जारी हो चुका है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पेराई सत्र अब कागजों से निकलकर खेत और केंद्र तक पहुंच गया है।
किसान इन बातों का ध्यान रखें
पर्ची मिलते ही उसकी तारीख और केंद्र का नाम दो बार जांच लें। गेट वाले गांवों के किसान सीधे मिल गेट पहुंचें, केंद्र वाले अपने तय केंद्र पर ही जाएं। गन्ना साफ-सुथरा और ताजा होना चाहिए, सूखा या मिट्टी लगा गन्ना तौल में अड़चन बनता है। पर्ची में गड़बड़ दिखे तो तौल के दिन से पहले ही समिति कार्यालय से संपर्क करें। कटाई का क्रम पर्ची के हिसाब से बनाएं और मजदूर व ट्रैक्टर-ट्रॉली की व्यवस्था पहले से पक्की कर लें, क्योंकि शुरुआती दिनों में केंद्रों पर भीड़ रहती है।
मुख्य बातें
- बिलारी चीनी मिल के लिए गन्ना सुरक्षण आदेश जारी, 117 गांव के किसान सीधे मिल गेट पर गन्ना तौल सकेंगे।
- बिलारी, करीमगंज और मझावली से जुड़े 297 गांवों में 36,447 सदस्य, करीब 25 हजार आपूर्तिकर्ता; पिछले सत्र में 53.81 लाख क्विंटल की क्रशिंग हुई थी।
- मझावली मिल ने 30 और 31 अक्टूबर के लिए कुल 4,400 क्विंटल का इंडेंट भेजा, बिलारी में नवंबर के पहले सप्ताह में पेराई शुरू होने की तैयारी है।
स्रोत: अमर उजाला, मुरादाबाद (30 अक्टूबर 2026); अमर उजाला, मुरादाबाद मंडल आवंटन (23 अक्टूबर 2026); दैनिक जागरण, मवाना (29 अक्टूबर 2026)।
