21 अक्टूबर को बिजनौर में टिकैत की महापंचायत: ₹600 भाव समेत 5 बड़े मुद्दे

कल, यानी 21 अक्टूबर को बिजनौर का नुमाइश मैदान एक बार फिर किसानों के नारे गूंजने वाला है। भारतीय किसान यूनियन की महापंचायत में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी राकेश टिकैत खुद शामिल होंगे। सोमवार को यूनियन पदाधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पंचायत का एजेंडा साफ कर दिया, और इस बार सूची सिर्फ गन्ने के भाव तक सीमित नहीं है।
गन्ना मूल्य से लेकर जमीन के मुआवज़े तक, धान की खरीद से लेकर स्मार्ट मीटर तक, महापंचायत में पांच बड़े मुद्दे उठेंगे। समझते हैं कि हर मुद्दे के पीछे किसान की कौन सी परेशानी है।
गन्ने का भाव ₹600: पेराई से पहले घोषणा की मांग
पहली और सबसे तेज मांग गन्ने का मूल्य बढ़ाकर ₹600 प्रति क्विंटल करने की है। यूनियन का कहना है कि मिलें चालू होने की तैयारी में हैं, लेकिन नए गन्ना मूल्य की घोषणा अभी नहीं हुई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पदाधिकारियों ने कहा कि खाद, बीज, सिंचाई और खेती की दूसरी लागतें लगातार बढ़ रही हैं, इसलिए किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य मिलना जरूरी है।
यहां भाव का मौजूदा हिसाब समझ लीजिए। पेराई सत्र 2025-26 के लिए यूपी का एसएपी अगेती किस्म पर ₹400 प्रति क्विंटल था। केंद्र ने 2026-27 के लिए एफआरपी ₹365 प्रति क्विंटल तय किया है। लेकिन यूपी के 2026-27 के एसएपी की घोषणा अभी बाकी है। किसान चाहते हैं कि मिलें चलने से पहले सरकार भाव घोषित करे, ताकि पेराई की पहली पर्ची से ही नए भाव का हिसाब लगे।
हाईवे की जमीन: सर्किल रेट और बाजार मूल्य में 3 गुना अंतर
दूसरा बड़ा मुद्दा जमीन का मुआवज़ा है। जिले में बन रहे दो हाईवे के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है। कई स्थानों पर जमीन का सर्किल रेट तीन से चार लाख रुपये प्रति बीघा बताया जा रहा है, जबकि किसान नेताओं के मुताबिक उसी जमीन का वास्तविक बाजार मूल्य 10 से 15 लाख रुपये प्रति बीघा तक है।
यूनियन की मांग है कि प्रशासन तहसीलों के जरिए जमीनों का सर्वे कराए और असली बाजार मूल्य के आधार पर किसानों को चार गुना मुआवज़ा दिलाने की व्यवस्था करे।
सुबहहेड़ी का औद्योगिक गलियारा: 12 बीघा पर संकट
सुबहहेड़ी क्षेत्र के प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे में किसानों की करीब 12 बीघा जमीन प्रभावित हो रही है। यहां सर्किल रेट लगभग ₹4 लाख प्रति बीघा बताया गया है, जबकि किसानों के मुताबिक जमीन का वास्तविक मूल्य इससे अधिक है।
यूनियन की मांग है कि गलियारे के लिए जमीन लेने से पहले उसका उचित मूल्य आंका जाए और प्रभावित किसानों को नियमानुसार सही मुआवज़ा दिया जाए।
धान खरीद केंद्र अब तक नहीं बने
यूनियन ने यह भी कहा कि जिले में अभी तक धान खरीद केंद्र नहीं बने हैं, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी हो सकती है।
किसान नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि धान की खरीद समय पर शुरू हो, ताकि किसानों को भटकना न पड़े। धान का सीजन सिर पर है, और केंद्रों की व्यवस्था न होने से औने-पौने दाम पर बेचने का खतरा बढ़ जाता है।
स्मार्ट मीटर पर गरमाई राजनीति
पांचवां मुद्दा स्मार्ट मीटर का है, और यह सबसे गर्म मुद्दा बन सकता है। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि बिजनौर में प्रशासन पुलिस बल के माध्यम से किसानों के घरों पर स्मार्ट मीटर लगाने का प्रयास कर रहा है। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि वे दबाव के जरिए घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध करेंगे।
यूनियन ने कहा कि महापंचायत में यह मुद्दा प्रमुखता से उठेगा और किसानों की समस्या का समाधान बातचीत और उचित प्रक्रिया से होना चाहिए, पुलिसिया दबाव से नहीं।
आगे की रणनीति: 30 अक्टूबर को लखनऊ में पंचायत
यूनियन के मुताबिक 30 अक्टूबर को लखनऊ के डोली बाग स्थित गन्ना अनुसंधान केंद्र में किसानों की बड़ी पंचायत होगी, जिसमें गन्ने के मूल्य सहित किसानों से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी।
यूनियन ने कहा कि भाव घोषित न होने से किसानों में असंतोष है और संगठन आगे भी पंचायतों के जरिए अपनी मांगें उठाएगा।
किसान पर इसका क्या असर पड़ेगा
सबसे सीधा असर गन्ने के भाव पर होगा। अगर पेराई से पहले एसएपी घोषित हो गया और ₹600 के करीब भाव मिला, तो पिछले सत्र के ₹400 (अगेती) के मुकाबले हर क्विंटल पर किसान को सीधा फायदा होगा। लेकिन अभी घोषणा बाकी है, इसलिए पेराई की शुरुआती पर्ची पर नजर रखना जरूरी है।
जिन किसानों की जमीन हाईवे या औद्योगिक गलियारे में जा रही है, उन्हें सर्किल रेट और बाजार मूल्य का फर्क समझकर कागज़ तैयार रखने चाहिए। चार गुना मुआवज़े की मांग सर्वे के बाद ही आगे बढ़ेगी। और धान वालों के लिए तुरंत का काम यह है कि खरीद केंद्रों की घोषणा का इंतजार करते हुए मंडी के दाम पर नजर रखें।
मुख्य बातें
- 21 अक्टूबर को बिजनौर के नुमाइश मैदान में भाकियू की महापंचायत, राकेश टिकैत होंगे शामिल; गन्ना भाव ₹600, जमीन मुआवज़ा, धान क्रय केंद्र और स्मार्ट मीटर समेत 5 मुद्दे एजेंडे पर।
- यूनियन ने हाईवे अधिग्रहण में ₹3-4 लाख/बीघा सर्किल रेट के मुकाबले ₹10-15 लाख/बीघा बाजार मूल्य बताते हुए चार गुना मुआवज़े और तहसील सर्वे की मांग की; सुबहहेड़ी के औद्योगिक गलियारे में करीब 12 बीघा जमीन प्रभावित।
- भाकियू ने 30 अक्टूबर को लखनऊ के डोली बाग गन्ना अनुसंधान केंद्र में अगली पंचायत का ऐलान किया; 2026-27 का एसएपी अभी घोषित नहीं।
स्रोत: रॉयल बुलेटिन (20 अक्टूबर 2026), अमर उजाला (19 अक्टूबर 2026), चिनीमंडी (20 अक्टूबर 2026)
