ताज़ा ख़बर

₹5500/टन पर आज होगा फैसला, नहीं तो कल कर्नाटक बंद: बेलगावी में CM की दो बड़ी बैठकें

✍️ Aamir Raza · 🗓 26 Oct 2026 · ⏱ 5 मिनट में पढ़ें

Google पर हमें फ़ॉलो करें
₹5500/टन पर आज होगा फैसला, नहीं तो कल कर्नाटक बंद: बेलगावी में CM की दो बड़ी बैठकें

27 अक्टूबर को कर्नाटक बंद होगा या नहीं, इसका फैसला आज बेलगावी की दो बैठकों में होगा। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सोमवार को खुद बेलगावी पहुंचे हैं। वह पहले मिल मालिकों से और फिर किसानों से बात करेंगे। मांगें नहीं मानी गईं तो मंगलवार को राज्यव्यापी बंद की चेतावनी है।

यूपी के किसान के लिए यह दूर की खबर नहीं है। गन्ने का भाव, चीनी का न्यूनतम मूल्य और एथेनॉल खरीद का सवाल किसी एक राज्य का नहीं है। कर्नाटक में आज जो तय होगा, उसकी गूंज यूपी की भाव बहस तक पहुंचेगी।

आज बेलगावी में क्या-क्या होगा

मुख्यमंत्री रविवार को कित्तूर उत्सव के समापन के बाद बेलगावी में ही रुक गए थे। सोमवार सुबह अशोक सर्किल पर वाल्मीकि जयंती जुलूस के बाद सुबह 11 बजे सुवर्ण विधान सौध में मिल मालिकों से मिलेंगे।

दोपहर में सौंदत्ती में विकास कार्यों की आधारशिला रखने के बाद वह लौटकर 3:30 बजे किसानों से मिलेंगे और शाम करीब 6 बजे बेंगलुरु रवाना होंगे। मुख्यमंत्री पहले मिल मालिकों से बात करेंगे, क्योंकि आखिर में पैसा मिल मालिकों को ही देना है। बैठक से पहले ही किसानों ने राज्य राजमार्ग पर जाम लगाकर विरोध जताया है।

₹5500 का आंकड़ा कहां से आया

किसानों की मांग का हिसाब सीधा है। केंद्र सरकार ने 2026-27 सत्र के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य यानी एफआरपी ₹365 प्रति क्विंटल तय किया है, जो 10.25 प्रतिशत चीनी रिकवरी पर आधारित है। टन के हिसाब से यह ₹3650 प्रति टन बैठता है। किसान ₹5500 प्रति टन मांग रहे हैं। दोनों के बीच करीब ₹1850 प्रति टन का फर्क है और यही फर्क इस आंदोलन की असली वजह है।

किसानों का कहना है कि खाद, मजदूरी, सिंचाई, कटाई और ढुलाई की लागत इतनी बढ़ गई है कि ₹3650 प्रति टन से लागत भी पूरी नहीं निकलती। इसलिए वह ₹1000 प्रति टन की राज्य सहायता और तौल मशीनें दुरुस्त करने के लिए ₹500 करोड़ की अलग राशि मांग रहे हैं। तौल में गड़बड़ी से सीधा नुकसान होने का आरोप भी है।

चीनी के भाव पर भी मांग है: न्यूनतम बिक्री मूल्य ₹31 से बढ़ाकर ₹60 प्रति किलो किया जाए। किसानों का तर्क है कि यह मूल्य सालों से नहीं बढ़ा है, जबकि लागत बढ़ रही है। चीनी का भाव बढ़ेगा तो मिलों की हालत सुधरेगी और वे किसानों को बेहतर भाव दे पाएंगे।

सीएम ने क्या कहा, किसान नेता ने क्या चेतावनी दी

कित्तूर में मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक के किसानों का बचना उनकी पहली प्राथमिकता है। दूसरे राज्यों की बात करने से पहले वह अपने राज्य के किसानों को बचाना चाहते हैं, इसीलिए खुद बेलगावी आए हैं। उन्होंने याद दिलाया कि उनकी सरकार ₹300 प्रति क्विंटल की अतिरिक्त राशि दे चुकी है और उससे पहले की सरकार ने ₹50 दिए थे। मिल मालिकों से भी योगदान को कहा गया है।

किसान नेता चुनप्पा पुजारी ने बैठक होने को राहत बताया है, लेकिन साथ में चेतावनी भी साफ रखी है। उनका कहना है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो 27 अक्टूबर को कर्नाटक बंद होगा और आंदोलन जारी रहेगा।

आंदोलन यहां तक कैसे पहुंचा

यह आंदोलन अचानक नहीं भड़का है। 13 अक्टूबर को बेलगावी से शुरू हुआ प्रदर्शन गोकाक और मुदलगी तक फैला। 19 अक्टूबर से पुणे-बेंगलुरु राजमार्ग पर 30 घंटे से ज्यादा जाम रहा और कोगनोली, हट्टर्गी व हीरेबागेवाड़ी में यातायात ठप हो गया था।

20 अक्टूबर की शाम हट्टर्गी से केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के हुबली आवास तक पदयात्रा शुरू हुई थी। बाद में वह धारवाड़ में एक महीने के लिए स्थगित कर दी गई और केंद्र को जवाब के लिए 26 नवंबर तक का समय दिया गया है।

यूपी के किसानों के लिए इसका क्या मतलब है

कर्नाटक के किसान अब वही SAP व्यवस्था मांग रहे हैं जो यूपी में पहले से है। यूपी में 2026-27 के SAP की अंतिम घोषणा का इंतजार जारी है: 7 अक्टूबर को लखनऊ में हुई उप-समिति बैठक में किसान प्रतिनिधियों ने ₹600 प्रति क्विंटल की मांग रखी थी।

यूपी में 122 चीनी मिलें हैं, इसलिए भाव का कोई भी राष्ट्रीय फैसला यहां के हर पर्चीधारक किसान तक पहुंचता है। कर्नाटक में ₹1000 प्रति टन की सहायता का रास्ता निकलता है तो यूपी की SAP बहस को भी नया तर्क मिलेगा।

यूपी के किसान के लिए सीधा मतलब यही है: आज बेलगावी की बैठकों पर नजर रखें। पर्ची, तौल और भुगतान की शिकायत समिति तक पहुंचाने का यह सही समय है, क्योंकि भाव का मुद्दा देश भर में चर्चा में है।

आगे क्या होगा

आज की बैठकों के बाद तस्वीर साफ होगी। बीच का रास्ता निकलता है तो 27 अक्टूबर का बंद टल सकता है, वरना मंगलवार को बंद की तैयारी तेज हो जाएगी। इसके बाद नजर 26 नवंबर की समयसीमा पर रहेगी, जब तक केंद्र को चीनी MSP पर जवाब देना है।

मुख्य बातें

  • बेलगावी में आज सुबह 11 बजे मिल मालिकों और दोपहर 3:30 बजे किसानों से मिलेंगे CM डीके शिवकुमार, बैठक सुवर्ण विधान सौध में होगी।
  • किसानों की मांग: गन्ना ₹5500 प्रति टन, ₹1000 प्रति टन राज्य सहायता और चीनी MSP ₹31 से बढ़ाकर ₹60 प्रति किलो।
  • मांगें नहीं मानी गईं तो 27 अक्टूबर को कर्नाटक बंद की चेतावनी; केंद्र को जवाब के लिए 26 नवंबर तक का समय दिया गया है।

स्रोत: डेक्कन हेराल्ड (26 अक्टूबर 2026), आईएएनएस (26 अक्टूबर 2026), चिनीमंडी (9 अक्टूबर 2026)

#गन्ना #कर्नाटक गन्ना आंदोलन #बेलगावी #गन्ना भाव #डीके शिवकुमार #FRP 2026-27

Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

और पढ़ें

बिना कर्ज लिए 20 हजार किसान दिवालिया की कगार पर, सिंभावली का 148 करोड़ वाला सच ताज़ा ख़बर बिना कर्ज लिए 20 हजार किसान दिवालिया की कगार पर, सिंभावली का 148 करोड़ वाला सच हापुड़ की सिंभावली शुगर मिल से जुड़े किसानों पर 148.59 करोड़ के पुराने कर्ज का बोझ बढ़कर 300 करोड़ से ज्यादा हो गया है। सीबीआई जांच के बाद भी मामला हाईकोर्ट में लंबित है और 20 हजार से ज्यादा किसान डिफॉल्टर माने जाने की कगार पर हैं। मेरठ के 2.22 लाख किसानों के लिए खुशखबरी: 1 नवंबर से चलेंगी 6 चीनी मिलें ताज़ा ख़बर मेरठ के 2.22 लाख किसानों के लिए खुशखबरी: 1 नवंबर से चलेंगी 6 चीनी मिलें मेरठ जिले की छह चीनी मिलें 1 से 4 नवंबर के बीच पेराई सत्र 2026-27 शुरू करेंगी। किनौनी मिल 1 नवंबर को चलेगी, मवाना, नंगलामल और दौराला 2 नवंबर को, मोहिउद्दीनपुर और सकौती 4 नवंबर को। बेलगावी बैठक बेनतीजा: ₹5500 की मांग अटकी, 29 अक्टूबर को दिल्ली की समिति तय करेगी रास्ता ताज़ा ख़बर बेलगावी बैठक बेनतीजा: ₹5500 की मांग अटकी, 29 अक्टूबर को दिल्ली की समिति तय करेगी रास्ता कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की बेलगावी में किसान नेताओं और मिल मालिकों से हुई बैठक बिना फैसले के खत्म हुई। गन्ने के ₹5500 प्रति टन दाम की मांग अब 29 अक्टूबर को आने वाली केंद्रीय समिति के सामने रखी जाएगी।