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केसर मिल पर 162 करोड़ का बकाया: 10 नवंबर तक पैसा नहीं तो सील और FIR

✍️ Aamir Raza · 🗓 03 Nov 2026 · ⏱ 5 मिनट में पढ़ें

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केसर मिल पर 162 करोड़ का बकाया: 10 नवंबर तक पैसा नहीं तो सील और FIR

बरेली के बहेड़ी इलाके के गन्ना किसानों के लिए अब तारीखें ही सब कुछ तय करेंगी। 5 नवंबर, 10 नवंबर और 17 नवंबर। केसर चीनी मिल पर बकाया 162 करोड़ रुपये को लेकर प्रशासन ने साफ कर दिया है कि 10 नवंबर तक भुगतान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठा तो मिल की संपत्ति सील होगी और प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। सोमवार को प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल के साथ मिल परिसर पहुंची थी और करीब तीन घंटे तक वहां डटी रही।

यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई। इसके पीछे महीनों से लटका भुगतान, टलती नीलामी और किसानों का बढ़ता गुस्सा है।

सोमवार को मिल में तीन घंटे क्या हुआ

सोमवार को एसडीएम बहेड़ी गोपाल शर्मा के नेतृत्व में टीम मिल पहुंची, जिसमें एसडीएम नवाबगंज सचिन यादव, जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार सैनी, सीओ अरुण कुमार सिंह, तहसीलदार वीरपाल सिंह और भारी पुलिस बल शामिल था। टीम सीधे सीईओ शरद मिश्रा के कार्यालय पहुंची।

टीम प्रशासनिक भवन को खाली कराकर सील करने की पूरी तैयारी से आई थी। उसने प्रशासनिक भवन, सीएमडी की कोठी, अफसरों के बंगले और कर्मचारी कॉलोनी का मुआयना कर संपत्तियों का मूल्यांकन किया। प्रबंधन की योजनाओं से संतुष्ट न होने पर सीएमडी हर्ष आर किलाचंद से वीडियो कॉल पर बात कराई गई।

वीडियो कॉल पर सीएमडी ने क्या कहा

वीडियो कॉल पर सीएमडी ने खुद स्वीकार किया कि वह मिल को चलाने में असमर्थ हैं। उन्होंने बताया कि मिल की बिक्री के लिए एक खरीदार से बातचीत अंतिम चरण में है और 5 नवंबर तक सौदा तय होने की उम्मीद है। अगर उस पक्ष से समझौता नहीं हो पाया तो दूसरी पार्टी के साथ 10 नवंबर तक सौदा होने की संभावना है। सीएमडी ने यह भी साफ किया कि किसानों के पूरे 162 करोड़ रुपये का भुगतान मिल की बिक्री के बाद ही संभव हो सकेगा।

यानी किसानों का पूरा पैसा अब मिल की बिक्री से जुड़ा है।

त्योहार से पहले 18 से 20 करोड़ की मांग

अधिकारियों ने बिक्री का इंतजार करने से इनकार करते हुए तुरंत आंशिक भुगतान की मांग रखी। जिला गन्ना अधिकारी और एसडीएम नवाबगंज ने मिल प्रबंधन से कहा कि किसानों की दिवाली फीकी नहीं पड़नी चाहिए। इसके लिए हर हाल में 18 से 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर किसानों को आंशिक भुगतान किया जाए। सीएमडी ने प्रयास करने का आश्वासन दिया, लेकिन पूरा भुगतान बिक्री के बाद ही होने की बात दोहराई।

सीओ अरुण कुमार सिंह ने सीएमडी को यह भी आगाह किया कि भुगतान में देरी से कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। किसान दिवाली के बाद हाईवे और रेलवे ट्रैक जाम करने की चेतावनी पहले ही दे चुके हैं।

10 नवंबर की डेडलाइन का मतलब क्या है

एसडीएम गोपाल शर्मा ने सीएमडी से कहा कि गन्ना विभाग ने मिल मालिक और प्रबंधन के खिलाफ पुलिस को तहरीर सौंप दी है। अगर 10 नवंबर तक भुगतान नहीं हुआ तो मुकदमा दर्ज करने के साथ ही प्रशासनिक भवन, सीएमडी की कोठी, अफसरों के बंगले, कर्मचारी आवास और मिल की समस्त जमीन को सील कर दिया जाएगा।

यह चेतावनी इसलिए अहम है क्योंकि नीलामी की प्रक्रिया पहले भी अटक चुकी है। 17 नवंबर को मिल की 11 एकड़ से अधिक जमीन की नीलामी प्रस्तावित है, जबकि 24 अक्टूबर की नीलामी नियमों के पेच में फंसकर टल गई थी। उस दिन चार खरीदार पहुंचे थे, लेकिन साढ़े तीन करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट सिर्फ एक ही जमा कर सका। बाकी के चेक मान्य नहीं हुए, और नीलामी के लिए कम से कम तीन पात्र खरीदार जरूरी थे।

किसानों का गुस्सा कहां तक पहुंचा

इस बकाये को लेकर किसान पहले ही सड़क पर उतर चुके हैं। 30 अक्टूबर को करीब दो हजार किसानों ने बहेड़ी गन्ना समिति परिसर में धरना दिया। किसान नेताओं के मुताबिक क्षेत्र के करीब 75 हजार किसान प्रभावित हैं। अगले दिन समाजवादी पार्टी ने भी प्रदर्शन कर राज्यपाल को ज्ञापन भेजा और ब्याज सहित तत्काल भुगतान की मांग की।

एक फैसला किसानों के पक्ष में पहले ही हो चुका है। पूरा भुगतान होने तक केसर मिल के क्रय केंद्र दूसरी मिलों को आवंटित किए गए हैं, और गन्ना समिति बोर्ड ने भी यही प्रस्ताव पास किया है।

आगे किन तारीखों पर नजर रहेगी

किसानों के लिए अब तीन तारीखें मायने रखती हैं। 5 नवंबर को पहले सौदे की स्थिति साफ होगी। 10 नवंबर को प्रशासन की डेडलाइन खत्म होगी, और उसी दिन दूसरी पार्टी से सौदे या सील और FIR की कार्रवाई का पता चलेगा। 17 नवंबर को जमीन की नीलामी प्रस्तावित है, जिसकी रकम से बकाये का भुगतान होना है।

केसर मिल को गन्ना दे चुके किसान अपनी पर्ची, तौल और भुगतान के कागज संभालकर रखें और गन्ना समिति व जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय से संपर्क में रहें, ताकि आंशिक भुगतान या नीलामी की सूचना पर तुरंत कार्रवाई हो सके।

मुख्य बातें

  • बरेली की बहेड़ी स्थित केसर चीनी मिल पर किसानों के 162 करोड़ रुपये बकाया हैं।
  • प्रशासन ने 10 नवंबर तक ठोस कदम न उठने पर संपत्ति सील करने और FIR दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
  • सीएमडी के मुताबिक मिल की बिक्री का सौदा 5 नवंबर तक, नहीं तो दूसरी पार्टी से 10 नवंबर तक तय हो सकता है।
  • त्योहार से पहले 18 से 20 करोड़ रुपये के आंशिक भुगतान की मांग की गई है, और 17 नवंबर को जमीन की नीलामी प्रस्तावित है।

स्रोत: अमर उजाला (2 और 3 नवंबर 2026), डायनामाइट न्यूज़ (3 नवंबर 2026)

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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