बलरामपुर में 10 नवंबर से पेराई: 204 क्रय केंद्र तैयार, किसान को क्या सुविधा मिलेगी

बलरामपुर जिले के गन्ना किसानों के लिए पेराई सत्र की तारीख तय हो गई है। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने बताया है कि जिले की बलरामपुर और तुलसीपुर चीनी मिलों में 10 नवंबर से पेराई शुरू होगी, जबकि इटई मैदा चीनी मिल में पेराई 20 नवंबर से चलेगी। इस सत्र के लिए जिले में कुल 204 गन्ना क्रय केंद्र बनाए जा रहे हैं, ताकि किसान को अपना गन्ना बेचने के लिए दूर भटकना न पड़े।
204 केंद्रों पर क्या व्यवस्था रहेगी
जिला प्रशासन ने पेराई सत्र 2026-27 को सुचारु और व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत क्रय केंद्रों पर किसानों की सुविधा, सुचारु तौल, गन्ने की निर्बाध आपूर्ति और परिवहन की उचित व्यवस्था के निर्देश जिला गन्ना अधिकारी और मिल अधिकारियों को दिए गए हैं।
किसान के लिए इसका सीधा मतलब यह है कि केंद्र पर लंबी कतार और तौल को लेकर होने वाली खींचतान कम होनी चाहिए। केंद्र पर तौल के बाद मिलने वाली पर्ची को संभालकर रखना किसान के अपने हित में है, क्योंकि भुगतान और हिसाब किताब उसी से जुड़ा होता है।
तीनों मिलों की तारीख अलग क्यों है
बलरामपुर और तुलसीपुर मिलें 10 नवंबर से चलेंगी, लेकिन इटई मैदा मिल की पेराई 20 नवंबर से शुरू होगी। तारीखों में यह दस दिन का अंतर मिलों की तैयारी और क्षेत्र में गन्ने की परिपक्वता से जुड़ा होता है।
किसानों को यह ध्यान रखना होगा कि उनका गन्ना किस मिल से जुड़ा है। बलरामपुर या तुलसीपुर क्षेत्र के किसान 10 नवंबर के आसपास अपनी आपूर्ति की तैयारी रखें, जबकि इटई मैदा क्षेत्र के किसानों के पास करीब दस दिन का अतिरिक्त समय है। कटे हुए गन्ने का वजन घटता है, इसलिए कटाई और आपूर्ति के बीच लंबा अंतराल रखने से बचना चाहिए।
शहर के ट्रैफिक पर भी पड़ा ध्यान
इस बार की कार्ययोजना में एक बात और खास है। जिला मुख्यालय पर झारखंडी रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण चल रहा है, इसलिए गन्ने के परिवहन की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। मकसद यह है कि पेराई सत्र के दौरान गन्ना लदे ट्रकों और ट्रालों के आवागमन से शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।
ट्रैक्टर ट्राली लेकर शहर से गुजरने वाले किसानों के लिए इसका मतलब यह है कि उन्हें पहले से तय रास्ते की जानकारी रखनी चाहिए। पेराई के शुरुआती दिनों में रास्ता भटकने से समय और डीजल दोनों का नुकसान होता है, इसलिए केंद्र पर जाने से पहले समिति या मिल से मार्ग के बारे में पूछ लेना बेहतर रहेगा।
पूरे प्रदेश में पेराई की तस्वीर क्या है
बलरामपुर अकेला जिला नहीं है जहां पेराई की तैयारी अंतिम चरण में है। देश में चीनी का नया विपणन सत्र 2026-27 शुरू हो चुका है और उद्योग संगठन इस्मा के मुताबिक अब तक 107 चीनी मिलों ने गन्ने की पेराई शुरू कर दी है। इनमें महाराष्ट्र की करीब 87 मिलें शामिल हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में अब तक सिर्फ दो मिलें चालू हो पाई हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों में पेराई शुरू होने की उम्मीद जताई गई है। इसके बाद मध्य उत्तर प्रदेश और फिर गन्ने की परिपक्वता के हिसाब से पूर्वी उत्तर प्रदेश में मिलें चलेंगी। बलरामपुर में 10 नवंबर की तारीख इसी क्रम में फिट बैठती है, यानी प्रदेश के ज्यादातर किसान नवंबर के पहले और दूसरे सप्ताह में ही अपनी पेराई का इंतजार कर रहे हैं।
भाव को लेकर अब भी इंतजार बाकी है
पेराई की तारीख तय हो गई है, लेकिन गन्ने के भाव को लेकर किसान की चिंता अभी दूर नहीं हुई है। सत्र 2026-27 के लिए राज्य परामर्श मूल्य की औपचारिक घोषणा का इंतजार अभी बाकी है। किसान संगठन लगातार भाव बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
पिछले सत्र 2025-26 में उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ने के भाव में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद अगेती किस्म का मूल्य 400 रुपये, सामान्य किस्म का 390 रुपये और अनुपयुक्त किस्म का 355 रुपये प्रति क्विंटल तय हुआ था। इस बार बलरामपुर सहकारी गन्ना विकास समिति के प्रतिनिधि ने 7 अक्टूबर को लखनऊ में हुई बैठक में भाव बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग रखी थी, जबकि कई किसान संगठन कम से कम 500 रुपये प्रति क्विंटल की मांग कर रहे हैं।
यह मांगें अभी मांग ही हैं, फैसला नहीं। भाव की घोषणा होते ही समिति और मिल स्तर पर इसकी जानकारी पहुंच जाती है, इसलिए अफवाहों पर भरोसा करने से बचना चाहिए।
किसान अभी क्या करें
पेराई शुरू होने से पहले के ये दस दिन तैयारी के काम आ सकते हैं। अपनी पर्ची और समिति से जुड़े कागजात एक जगह रख लें। केंद्र का नाम और रास्ता पहले से पक्का कर लें, ताकि पेराई वाले दिन भटकना न पड़े। खेत में गन्ने की कटाई उसी क्रम में कराएं जिस क्रम में आपूर्ति करनी है। ट्राली और ट्रैक्टर की छोटी मोटी मरम्मत अभी करा लेना बेहतर है, क्योंकि सत्र शुरू होने के बाद मिस्त्री मिलना मुश्किल हो जाता है।
मुख्य बातें
- बलरामपुर और तुलसीपुर चीनी मिलों में 10 नवंबर से और इटई मैदा मिल में 20 नवंबर से पेराई शुरू होगी।
- जिले में 204 गन्ना क्रय केंद्र बनाए जा रहे हैं, तौल और परिवहन की विशेष व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।
- सत्र 2026-27 के लिए गन्ने के भाव की औपचारिक घोषणा अभी बाकी है, किसान संगठन 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल की मांग कर रहे हैं।
स्रोत: अमर उजाला, बलरामपुर (29 अक्टूबर 2026); दैनिक जागरण (28 अक्टूबर 2026); इंडिया टुडे हिंदी (27 अक्टूबर 2026); चिनीमंडी (9 अक्टूबर 2026)
