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बागपत मिलों को 7 दिन का अल्टीमेटम: दीपावली से पहले किसानों को ₹29 करोड़?

✍️ Aamir Raza · 🗓 18 Oct 2026 · ⏱ 5 मिनट में पढ़ें

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बागपत मिलों को 7 दिन का अल्टीमेटम: दीपावली से पहले किसानों को ₹29 करोड़?

दीपावली का त्योहार नज़दीक है, और बागपत के गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर आई है। किनौनी और भैंसाना चीनी मिलों पर किसानों का 29 करोड़ रुपये बकाया था। जिला गन्ना अधिकारी ने दोनों मिलों को एक सप्ताह के भीतर भुगतान करने का नोटिस जारी कर दिया है। इसी के साथ प्रदेश स्तर पर भी कार्रवाई तेज हुई है — बागपत की मलकपुर मिल समेत छह चीनी मिलों के खिलाफ वसूली प्रमाण-पत्र जारी किया गया है।

20 करोड़ और 9 करोड़: 29 करोड़ का हिसाब कहां का है

अमर उजाला की 12 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, किनौनी चीनी मिल पर किसानों का लगभग 20 करोड़ रुपये और भैंसाना चीनी मिल पर लगभग 9 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य बकाया चल रहा है। दोनों को मिलाकर यह रकम 29 करोड़ रुपये होती है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों मिलें भुगतान में रुचि नहीं ले रही थीं। किसान कई बार बकाया भुगतान की मांग कर चुके थे, लेकिन रकम नहीं मिली।

बागपत में लगभग 85 हजार हेक्टेयर में गन्ने का उत्पादन होता है और सवा लाख से अधिक किसान मिलों को गन्ने की आपूर्ति करते हैं। इतनी बड़ी संख्या के किसानों का पैसा अटका रहना जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डालता है। खाद-बीज का खर्च, बच्चों की फीस, घरेलू ज़रूरतें — सब इसी भुगतान पर निर्भर हैं।

नोटिस में क्या आदेश दिया गया है

जिला गन्ना अधिकारी अशर्फी लाल ने किनौनी और भैंसाना, दोनों चीनी मिलों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के अंदर बकाया भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में यह भी साफ है कि निर्धारित समय में भुगतान नहीं होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मिलों के अफसरों ने पेराई सत्र शुरू होने से पहले बकाया भुगतान करने का आश्वासन दिया है। यानी त्योहार से पहले खाते में पैसा पहुंचने की उम्मीद बंधी है। लेकिन आश्वासन और खाते में आई रकम में फर्क होता है। एक सप्ताह की समय-सीमा इसीलिए मायने रखती है — इसके बाद प्रशासन के पास नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता खुला रहेगा।

प्रदेश स्तर पर सख्ती: 6 चीनी मिलों के खिलाफ वसूली प्रमाण-पत्र

बागपत के नोटिस के साथ ही प्रदेश स्तर पर भी गन्ना भुगतान को लेकर सख्ती बढ़ गई है। गन्ना एवं चीनी विभाग के आयुक्त प्रमोद कुमार उपाध्याय ने समय पर भुगतान नहीं करने वाली 6 चीनी मिलों के खिलाफ वसूली प्रमाण-पत्र जारी किए हैं। सूची में बरखेड़ा (पीलीभीत), मकसूदापुर (शाहजहांपुर), बहेड़ी और नवाबगंज (बरेली), कुंदुरखी (गोंडा) और मलकपुर (बागपत) की चीनी मिलें शामिल हैं।

वसूली प्रमाण-पत्र का मतलब साधारण भाषा में यह है कि संबंधित जिलों के प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वह इस राशि को भू-राजस्व की भांति वसूल कर किसानों को भुगतान सुनिश्चित करे। यानी अब यह मामला सिर्फ़ मिल और विभाग के बीच का नहीं रहा — जिला प्रशासन को भी वसूली की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गन्ना आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि गन्ना मूल्य भुगतान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।

पेराई कैलेंडर तय: 25 अक्टूबर से मलकपुर, 3 नवंबर से बागपत-रमाला

बकाये की कार्रवाई के साथ-साथ नए पेराई सत्र का कैलेंडर भी तैयार हो गया है। अमर उजाला के अनुसार, मलकपुर चीनी मिल 25 अक्टूबर से चालू हो जाएगी। बागपत और रमाला चीनी मिलें 3 नवंबर से चलेंगी, और दोनों का मिल इंडेंट 1 नवंबर को जारी होगा। पेराई शुरू होने से दो दिन पहले किसानों को पक्की पर्ची दी जाएगी, और सभी कर्मचारियों को लापरवाही न बरतने के निर्देश जारी हो चुके हैं।

दिवाली से पहले तीनों मिलों में पेराई सत्र शुरू हो जाएगा। हालांकि मिल अधिकारियों का कहना है कि बरसात की वजह से गन्ने में रिकवरी कम होने की आशंका है, इसलिए पेराई सत्र को थोड़ा पीछे रखा गया है। लेकिन प्रशासन ने साफ किया है कि रिकवरी की चिंता और पुराने भुगतान की जिम्मेदारी अलग-अलग हैं — बकाया समय पर चुकाना ही होगा।

किसान के लिए इस खबर का मतलब

इस खबर का सबसे बड़ा संदेश यह है कि पुराने बकाये का भुगतान अब नए पेराई सत्र की शर्त जैसा बन गया है। किनौनी और भैंसाना मिलों को एक सप्ताह में 29 करोड़ रुपये चुकाने हैं। अगर आप इन मिलों को गन्ना देते हैं, तो इस समय-सीमा पर नजर रखें और भुगतान का हिसाब खुद रखें। रकम नहीं आती है तो जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय या गन्ना समिति में शिकायत दर्ज कराने का रास्ता खुला है।

दूसरा, पर्ची का समय भी तय हो चुका है। 1 नवंबर को बागपत और रमाला मिलों का इंडेंट जारी होगा, और पेराई से दो दिन पहले पक्की पर्ची मिलेगी। गन्ना कटाई की योजना पर्ची मिलने के बाद ही बनाएं। पर्ची में गड़बड़ी पर तुरंत गन्ना समिति से संपर्क करें। तौल के समय कांटे की रीडिंग ध्यान से देखें — हर सत्र में इसी को लेकर सबसे ज्यादा शिकायतें आती हैं।

मुख्य बातें

  • बागपत की किनौनी और भैंसाना मिलों पर कुल 29 करोड़ बकाया; एक सप्ताह में भुगतान का नोटिस, देरी पर कार्रवाई की चेतावनी
  • मलकपुर (बागपत) समेत प्रदेश की 6 चीनी मिलों के खिलाफ वसूली प्रमाण-पत्र; राशि भू-राजस्व की भांति वसूल कर किसानों को भुगतान
  • पेराई कैलेंडर तय: मलकपुर मिल 25 अक्टूबर से, बागपत-रमाला मिलें 3 नवंबर से, इंडेंट 1 नवंबर को; पेराई से दो दिन पहले पक्की पर्ची

स्रोत: अमर उजाला (12 अक्टूबर 2026); ट्रैक्टर जंक्शन (अक्टूबर 2026)

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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