29 अक्टूबर को पूर्वी UP में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, गन्ना किसान ये 5 काम तुरंत करें

अक्टूबर के आखिरी दिनों में आसमान ने गन्ना किसानों की परीक्षा फिर बढ़ा दी है। चक्रवात अर्नब ने 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यनम के तट को पार किया, लेकिन उसकी नमी खत्म नहीं हुई है। पश्चिमी विक्षोभ से मिलकर यही नमी अब उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रही है। मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है।
यह खबर ऐसे समय आई है जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कई मिलों की पेराई पहले ही बारिश से अटक चुकी है। 20 अक्टूबर के आसपास चलने की योजना बनाने वाली मिलें गीले खेत और नमी वाले गन्ने की वजह से पीछे रह गईं। अब पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों के सामने भी वही सवाल है कि कटाई रोकें या जारी रखें।
29 से 31 अक्टूबर: कहां कितनी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 29 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 30 अक्टूबर को पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अनुमान है, और 31 अक्टूबर को भी अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना रहेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज हवाएं चल सकती हैं।
29 अक्टूबर को सबसे ज्यादा असर वाले जिलों में वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली का नाम है, जहां भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रयागराज, भदोही, गाजीपुर, बलिया, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर और प्रतापगढ़ में भी बारिश हो सकती है, हालांकि हर जगह बारिश की मात्रा एक जैसी नहीं रहेगी।
30 अक्टूबर को बारिश का जोर गोरखपुर मंडल की ओर खिसकेगा। गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, संत कबीर नगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, गोंडा, बहराइच, अयोध्या और अंबेडकर नगर में बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया जाए।
गन्ने पर असर: गीला गन्ना यानी कम रिकवरी
किसान के लिए इस बारिश का सबसे सीधा नुकसान कटाई से जुड़ा है। गीले खेत में गन्ना काटना मुश्किल होता है, ट्रैक्टर-ट्रॉली फंसती है, और कटा हुआ गन्ना खेत में पड़ा रह जाए तो वजन घटता है। प्रख्यात गन्ना प्रजनक बख्शी राम का कहना है कि ज्यादा नमी वाले गन्ने को मिलें भी पसंद नहीं करतीं, क्योंकि उससे चीनी की रिकवरी घट जाती है।
दूसरी तरफ पेराई का कैलेंडर आगे बढ़ रहा है। मोदीनगर की मोदी मिल 31 अक्टूबर से और मवाना मिल 2 नवंबर से पेराई शुरू करने की तैयारी में है। बारिश के ये दिन गुजरते ही कई केंद्रों पर गन्ना डालने की रफ्तार तेज हो जाएगी, इसलिए पर्ची, केंद्र और तारीख अभी दुरुस्त कर लेना फायदेमंद रहेगा।
बारिश के बीच किसान के 5 जरूरी काम
गीले खेत में कटाई रोकें। खेत में पानी भरा हो या मिट्टी चिपचिपी हो, तो कटाई एक-दो दिन टालना ही समझदारी है। जबरदस्ती काटा गया गन्ना तौल पर कम उतरता है और मजदूरी भी ज्यादा लगती है।
कटा हुआ गन्ना खुले में मत छोड़ें। अगर गन्ना कट चुका है तो उसे जल्द से जल्द क्रय केंद्र तक पहुंचाएं। नहीं पहुंचा सकते तो सूखी जगह पर तिरपाल से ढककर रखें। बारिश में भीगा गन्ना जितनी देर पड़ा रहेगा, वजन और मिठास दोनों का नुकसान बढ़ेगा।
पर्ची की तारीख पहले ही संभाल लें। जिन किसानों की पर्ची 29 से 31 अक्टूबर के बीच की है, वे अपने क्रय केंद्र या समिति से संपर्क करके तारीख की स्थिति पूछ लें। बारिश की वजह से केंद्र पर आवक रुक सकती है। पहले से बात करने पर दोबारा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
ट्रॉली और रास्ते में सावधानी बरतें। तेज हवा और फिसलन भरे रास्ते में ओवरलोड ट्रॉली हादसे का कारण बन सकती है। गन्ना अच्छी तरह बांधकर ले जाएं, बिजली के झूलते तारों और पानी भरे गड्ढों से दूरी रखें।
नुकसान का रिकॉर्ड उसी दिन बनाएं। खेत में पानी भर जाए या फसल गिर जाए तो फोटो खींचकर रखें, पर्ची और केंद्र का रिकॉर्ड संभालकर रखें। बाद में मुआवजे या शिकायत के समय यही कागज काम आते हैं। शिकायत के लिए गन्ना विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 और 1800-180-5129 पर संपर्क किया जा सकता है।
भाव को लेकर एक साफ बात
पेराई शुरू होने के साथ भाव का सवाल हर किसान के मन में है। साफ जानकारी यह है कि चीनी सत्र 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने गन्ने का एफआरपी 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन उत्तर प्रदेश के 2026-27 एसएपी की घोषणा अभी बाकी है। पिछले सत्र 2025-26 का एसएपी अगेती के लिए 400 रुपये और सामान्य के लिए 390 रुपये प्रति क्विंटल था। उसे इस सत्र का भाव समझने की गलती न करें।
बारिश के ये तीन दिन गुजर जाने के बाद नवंबर की शुरुआत में पेराई की रफ्तार ही तय करेगी कि इस सत्र की शुरुआत कैसी रहती है।
मुख्य बातें
- 29 अक्टूबर को पूर्वी UP में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, 30 अक्टूबर को पूर्वोत्तर UP और 31 अक्टूबर को भी अलग-अलग जगह भारी बारिश की संभावना।
- गीले खेत में कटाई रोकें, कटे गन्ने को जल्द केंद्र पहुंचाएं या तिरपाल से ढकें, और पर्ची की तारीख पहले ही केंद्र से पक्की कर लें।
- चीनी सत्र 2026-27 के लिए एफआरपी 365 रुपये तय है, लेकिन UP के 2026-27 एसएपी की घोषणा अभी बाकी है।
स्रोत: सीएनबीसी-टीवी18 (29 अक्टूबर 2026), द वीक (28 अक्टूबर 2026), द हिंदू बिजनेसलाइन (27 अक्टूबर 2026)
