अमरोहा: गन्ने के 600 रुपये भाव की मांग, किसानों ने सौंपा 13 सूत्रीय ज्ञापन

पेराई सत्र सिर पर है, लेकिन गन्ने का भाव अभी तय नहीं हुआ है। इसी बेचैनी ने अमरोहा के किसानों को सड़क पर उतार दिया है। हसनपुर में मंडी समिति परिसर में धरना हुआ, अमरोहा कलक्ट्रेट में पंचायत हुई और दोनों जगह किसानों ने गन्ना मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग रखी। सरकार को ज्ञापन सौंपे गए।
2026-27 के पेराई सत्र के लिए SAP यानी राज्य सलाहकार मूल्य की घोषणा अभी बाकी है। पिछले सत्र यानी 2025-26 में अगैती गन्ने का SAP 400 रुपये और सामान्य प्रजाति का 390 रुपये था। किसान चाहते हैं कि इस बार भाव 600 रुपये हो। केंद्र ने इस सत्र के लिए FRP 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। यानी मांग और घोषित भाव के बीच का अंतर बड़ा है।
हसनपुर में 13 सूत्रीय ज्ञापन
अमरोहा के हसनपुर में भारतीय किसान यूनियन शंकर के पदाधिकारियों ने मंडी समिति परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। संगठन के जिलाध्यक्ष चौधरी नेमपाल सिंह ने कहा कि पेराई सत्र की लागत के हिसाब से गन्ना मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाना जरूरी है, इससे कम भाव पर किसान को औसत नहीं आएगा। उनकी मांग यह भी थी कि अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में चीनी मिलें चलाई जाएं, ताकि पेराई में देरी न हो और किसान का गन्ना खेत में न सड़े।
राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष चौधरी धर्मवीर सिंह ने सहकारी चीनी मिल के विस्तारीकरण की घोषणा को जल्द पूरा करने का मुद्दा उठाया। कैप्टन वीर सिंह ने छुट्टा पशुओं, खूंखार कुत्तों और बंदरों को पकड़वाए जाने की मांग की। बिजली, सिंचाई, चकबंदी और स्वास्थ्य सेवाओं समेत कुल 13 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन नायब तहसीलदार नेहा सागर को सौंपा गया। धरने में बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं मौजूद रहीं।
कलक्ट्रेट परिसर में अराजनीतिक पंचायत
इसी कड़ी में भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक के पदाधिकारियों ने अमरोहा कलक्ट्रेट परिसर में मासिक पंचायत की। संगठन के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी उम्मेद सिंह ने गन्ना मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग दोहराई। उन्होंने मुरादाबाद से बृजघाट तक प्रस्तावित महाकॉरीडोर और गंगा एक्सप्रेस हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया से किसानों की बनी समस्याओं का समाधान कराने की मांग भी रखी।
पंचायत में एमएसपी गारंटी कानून और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को जल्द लागू करने की मांग भी उठी। जिलाध्यक्ष चौधरी कामेंद्र सिंह ने कहा कि अमरोहा में मंडी समिति से काफूरपुर-रजबपुर तक की सड़क टूटी हुई है, जिसे जल्द बनवाया जाना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती रोकने पर भी जोर दिया गया। इस पंचायत में बड़ी संख्या में किसान जुटे।
यह मांग नई नहीं है
गन्ने के 600 रुपये भाव की मांग अमरोहा तक सीमित नहीं है। किसान नेताओं ने इसे पहले भी उठाया है। राकेश टिकैत, दिगंबर सिंह और गुरनाम सिंह चढूनी जैसे किसान नेता गन्ना मूल्य बढ़ाने की मांग पहले ही कर चुके हैं। किसान संगठनों का कहना है कि चीनी 60 रुपये प्रति किलो के पार है और लागत बढ़ी है, इसलिए भाव 600 या 650 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए।
मुजफ्फरनगर की 7 अक्टूबर की महापंचायत में भी 600 रुपये भाव समेत 22 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सरकार को सौंपा गया।
600 रुपये का हिसाब: आंकड़े क्या कहते हैं
केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2026 से शुरू पेराई सत्र के लिए FRP 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। यूपी में पिछले सत्र का SAP 400 रुपये (अगैती) और 390 रुपये (सामान्य) था।
एक और आंकड़ा देखिए। संयुक्त मोर्चे के किसान नेताओं का कहना है कि इस समय कोल्हू-क्रेशर पर गन्ने की खरीद 490 से 500 रुपये प्रति क्विंटल पर हो रही है। यानी मिल के बाहर किसान को 490-500 रुपये मिल रहा है, जबकि पिछले साल मिल से 400 रुपये मिले थे।
भाकियू शंकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा 5 लाख रुपये करने की मांग कर चुके हैं। संगठन का कहना है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस संबंध में घोषणा के बावजूद किसानों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
किसान के लिए इसका मतलब
भाव की घोषणा में अभी वक्त है, लेकिन पेराई सत्र नजदीक है। ऐसे में किसान तीन काम जरूर करें। पहला, तौल और पर्ची का हिसाब संभालकर रखें। दूसरा, गन्ना समिति और मिल से SAP घोषणा की सूचना पर नजर रखें। तीसरा, पिछले सत्र का भुगतान बकाया हो तो टोल-फ्री 1800-121-3203 पर शिकायत दर्ज कराएं।
गन्ना मूल्य सरकार और किसान संगठनों की बातचीत से तय होगा। अमरोहा से उठी 600 रुपये की आवाज ने इस बहस को तेज जरूर कर दिया है। अब देखना यह है कि SAP की घोषणा कब होती है और भाव कितना बढ़ता है।
मुख्य बातें
- अमरोहा में दो किसान संगठनों ने गन्ना मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग की और 13 सूत्रीय ज्ञापन सौंपे।
- 2026-27 सत्र के लिए SAP की घोषणा अभी बाकी है; इस सत्र की FRP 365 रुपये और पिछले सत्र का SAP 400/390 रुपये था।
- कोल्हू-क्रेशर पर गन्ना 490-500 रुपये में बिक रहा है, इसी अंतर से 600 रुपये की मांग उठी है।
स्रोत: लाइव हिंदुस्तान, Kisan India, Webvarta
