अमरोहा किसानों के लिए बड़ी खबर: चंदनपुर मिल चली, 93 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य

93 लाख क्विंटल। इतना गन्ना इस पेराई सत्र में अकेले चंदनपुर चीनी मिल में पेरा जाएगा। अमरोहा के किसानों के लिए यह आंकड़ा इसलिए मायने रखता है क्योंकि मिल का चलना ही उनकी फसल की बिक्री की असली शुरुआत होती है। खेत में खड़ा गन्ना जब तक मिल के कांटे पर नहीं तुलता, तब तक वह कमाई नहीं बनता। चंदनपुर मिल के चलने के साथ ही जिले के हजारों किसानों की यह प्रक्रिया शुरू हो गई है।
पेराई सत्र का शुभारंभ
त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर का पेराई सत्र 2026-27 नवंबर के पहले सप्ताह में शुरू हो गया। शुभारंभ के मौके पर हसनपुर के विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी और जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने संयुक्त रूप से फीता काटकर सत्र की शुरुआत की। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और हवन के साथ हुई।
मिल के उपाध्यक्ष आमोद कुमार शर्मा ने किसानों से साफ और ताजा गन्ना मिल को देने की अपील की और समय से गन्ना मूल्य भुगतान का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि किसान अपना गन्ना सस्ते दामों पर इधर-उधर न बेचें, मिल को ही आपूर्ति करके अपना बेसिक कोटा बनाए रखें।
93 लाख क्विंटल का लक्ष्य
इस सत्र के लिए चंदनपुर मिल को 93 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य मिला है। यह लक्ष्य मिल के अपने क्षेत्र के गन्ने के हिसाब से तय हुआ है। चंदनपुर मिल के पास 25,175 बीघा गन्ने का रकबा है। अकेले इस रकबे से मिलने वाला गन्ना ही लाखों क्विंटल में बैठता है, और उसी के दम पर मिल पूरे सत्र की योजना बनाती है।
चंदनपुर मिल के क्षेत्र में 44 कांटे लग चुके हैं। कांटे पर सही तौल ही किसान की पहली सुरक्षा है, इसलिए तौल के समय वहां मौजूद रहना और पर्ची संभालकर रखना हमेशा काम आता है।
जिले की तीनों मिलें, 2.79 करोड़ का आंकड़ा
अमरोहा जिले में कुल तीन चीनी मिलें हैं। तीनों को मिलाकर इस सत्र में 2.79 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य रखा गया है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा वेब शुगर मिल धनौरा का है, जिसे एक करोड़ 50 लाख क्विंटल का लक्ष्य मिला है। दूसरे नंबर पर चंदनपुर मिल है, और तीसरे नंबर पर किसान सहकारी चीनी मिल गजरौला हसनपुर है, जिसे 36 लाख क्विंटल का लक्ष्य दिया गया है।
जिले में गन्ने का कुल रकबा 70,354 बीघा है, जिसमें धनौरा के पास सबसे ज्यादा करीब 33 हजार बीघा और हसनपुर सहकारी मिल के पास सबसे कम 12,179 बीघा है। धनौरा क्षेत्र में 110 क्रय केंद्र हैं, जिनमें से 90 पर कांटे लग चुके हैं, जबकि हसनपुर मिल में गेट के अलावा 16 क्रय केंद्र हैं।
पिछले सत्र में जिले की तीनों मिलों ने पेराई सत्र समाप्त होने के तुरंत बाद ही किसानों का संपूर्ण गन्ना भुगतान कर दिया था। मिल का चलना एक बात है, पैसा समय पर मिलना दूसरी, और पिछला सत्र इस मामले में ठीक रहा था।
मंडल से मिला अतिरिक्त गन्ना
चंदनपुर मिल के लिए एक और व्यवस्था इस सत्र में की गई है। मुरादाबाद मंडल की सात चीनी मिलों को मेरठ और बरेली मंडल की चीनी मिलों के क्षेत्र से कुल 110.52 लाख क्विंटल अतिरिक्त गन्ना आवंटित किया गया है। इसमें चंदनपुर मिल को 9.30 लाख क्विंटल गन्ना और पांच क्रय केंद्र आवंटित किए गए हैं।
यह आवंटन गन्ना सुरक्षण आदेश के तहत हुआ है। उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह के अनुसार मिलों को उनकी पेराई क्षमता के अनुरूप गन्ना उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि सत्र के बीच गन्ने की कमी न पड़े। चंदनपुर के लिए इसका मतलब यह है कि अपने क्षेत्र के गन्ने के साथ बाहर से आवंटित गन्ना भी रहेगा।
किसानों के लिए इसका मतलब क्या है
चंदनपुर क्षेत्र के किसान के लिए इस खबर के तीन सीधे मतलब हैं। पहला, पर्ची का सिलसिला अब शुरू हो गया है, इसलिए सट्टा और समिति से जुड़े कागज दुरुस्त रखना जरूरी है। दूसरा, गन्ना साफ और ताजा भेजना मिल की भी अपील है और किसान के हित में भी है, क्योंकि सूखा या गंदा गन्ना तौल और रिकवरी दोनों पर असर डालता है। तीसरा, गन्ना मिल को ही बेचकर बेसिक कोटा बनाए रखना आगे की पर्ची की गारंटी जैसा है।
सत्र की शुरुआत में क्रय केंद्रों पर भीड़ रहती है, इसलिए अपनी पर्ची, तौल की रसीद और समिति से जुड़ी जानकारी एक जगह संभालकर रखना ही सबसे बड़ा बचाव है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि पेराई की रफ्तार कैसी रहती है और भुगतान का क्रम पिछले सत्र जैसा समय पर चलता है या नहीं।
मुख्य बातें
- अमरोहा की त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर का पेराई सत्र 2026-27 शुरू हो गया है।
- इस सत्र में चंदनपुर मिल में 93 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य रखा गया है।
- जिले की तीनों मिलों का कुल लक्ष्य 2.79 करोड़ क्विंटल है, और चंदनपुर को मंडल से 9.30 लाख क्विंटल अतिरिक्त गन्ना भी आवंटित हुआ है।
स्रोत: दैनिक जागरण (26 अक्टूबर 2026), वॉयस ऑफ क्रांति (4 नवंबर 2026), अमर उजाला (23 अक्टूबर 2026)
