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अमरोहा में आज से 2 मिलों की पेराई: 2.79 करोड़ क्विंटल का लक्ष्य, SMS पर मिलेगी पर्ची

✍️ Aamir Raza · 🗓 01 Nov 2026 · ⏱ 5 मिनट में पढ़ें

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अमरोहा में आज से 2 मिलों की पेराई: 2.79 करोड़ क्विंटल का लक्ष्य, SMS पर मिलेगी पर्ची

अमरोहा के गन्ना किसानों के लिए आज का दिन इंतजार खत्म होने का दिन है। जिले की दो चीनी मिलों, त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर और वेब शुगर मिल धनौरा, में 1 नवंबर से पेराई सत्र 2026-27 शुरू होने का कार्यक्रम है। तीसरी मिल, किसान सहकारी चीनी मिल गजरौला हसनपुर में भी तैयारियां अंतिम चरण में थीं। बारिश ने इस बार मिलों का कैलेंडर करीब एक सप्ताह आगे खिसका दिया था, इसलिए किसान लंबे समय से यही पूछ रहे थे कि ट्रॉली आखिर कब रवाना होगी।

जिले की तीनों मिलों को इस सत्र में कुल 2.79 करोड़ क्विंटल गन्ना पेरने का लक्ष्य मिला है। आने वाले महीनों में अमरोहा के खेतों से रोज हजारों क्विंटल गन्ना मिलों तक पहुंचेगा, और उसी रफ्तार से खेत गेहूं की बुवाई के लिए खाली भी होंगे।

तीनों मिलों को कितना लक्ष्य, कितना रकबा

जिले में गन्ने का कुल रकबा 70,354 बीघा दर्ज है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा वेब शुगर मिल धनौरा के पास है, करीब 33 हजार बीघा। त्रिवेणी चंदनपुर के पास 25,175 बीघा और हसनपुर सहकारी मिल के पास 12,179 बीघा रकबा है।

  • वेब शुगर मिल, धनौरा: 1 करोड़ 50 लाख क्विंटल का लक्ष्य
  • त्रिवेणी शुगर मिल, चंदनपुर: 93 लाख क्विंटल का लक्ष्य
  • किसान सहकारी चीनी मिल, हसनपुर: 36 लाख क्विंटल का लक्ष्य

रकबे और लक्ष्य का यह बंटवारा बताता है कि धनौरा मिल पर इस सत्र में सबसे ज्यादा दबाव रहेगा। उसके क्षेत्र में 110 केंद्रों में से 90 पर कांटे लग चुके थे, चंदनपुर में 44 कांटे लगे थे और हसनपुर में गेट के अलावा 16 केंद्र हैं।

पर्ची मोबाइल पर, गेहूं के लिए खेत खाली करना जरूरी

अमरोहा के जिला गन्ना अधिकारी मनोज कुमार के मुताबिक किसानों को गन्ना पर्ची SMS के जरिये मोबाइल पर भेजी जाएगी। इसलिए किसान अपना मोबाइल नंबर अपडेट रखें, ताकि पर्ची की सूचना छूटे नहीं। पर्ची मिलने के बाद ही तय तारीख पर गन्ना केंद्र तक पहुंचाना होता है। बिना पर्ची गन्ना लेकर केंद्र पहुंचने पर वापसी का झंझट हो सकता है।

किसानों की एक और चिंता गेहूं से जुड़ी है। मिल देर से चली तो खेत देर से खाली होगा, और गेहूं की बुवाई पिछड़ जाएगी। इसी वजह से किसान संगठन मिलों को समय पर चलाने की मांग लंबे समय से उठा रहे हैं। बारिश के कारण एक सप्ताह की देरी पहले ही हो चुकी है, अब पेराई शुरू होने से यह दबाव कुछ कम होगा।

पिछले सत्र का भुगतान साफ, इस सत्र का भाव अब भी अटका

अमरोहा के किसानों के लिए एक राहत की बात यह है कि जिले की तीनों मिलों ने पिछले पेराई सत्र का पूरा गन्ना भुगतान सत्र खत्म होने के तुरंत बाद कर दिया था। जिन जिलों में करोड़ों का बकाया अटका है, वहां के किसानों के मुकाबले अमरोहा की स्थिति इस मोर्चे पर बेहतर रही है।

लेकिन भाव का सवाल अब भी खुला है। पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ने का राज्य परामर्शी मूल्य (SAP) अभी घोषित नहीं हुआ है। पिछले सत्र, यानी 2025-26 में अगेती किस्म का SAP 400 रुपये, सामान्य किस्म का 390 रुपये और अनुपयुक्त किस्म का 355 रुपये प्रति क्विंटल था। यह दर इस सत्र की नहीं है, इसे लेकर भ्रम नहीं होना चाहिए। किसान संगठन इस बार 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल तक की मांग उठा रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन शंकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिवाकर चौधरी ने पहले ही कहा है कि सरकार पहले 600 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य घोषित करे, उसके बाद मिलें चलें, ताकि किसानों को लागत के हिसाब से वाजिब दाम मिले।

हसनपुर मिल की आठ साल पुरानी मांग

हसनपुर की कहानी थोड़ी अलग है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2018 में हसनपुर में जनसभा के दौरान इस मिल की पेराई क्षमता 2500 टन प्रतिदिन से बढ़ाकर दोगुनी करने और वहां आधुनिक इंटीग्रेटेड शुगर कांप्लेक्स बनाने की घोषणा की थी। जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बावजूद इस दिशा में कदम आगे नहीं बढ़े हैं, और क्षेत्र के करीब 40 हजार गन्ना किसान आठ साल से क्षमता बढ़ने की आस देख रहे हैं।

चंदनपुर मिल के उपाध्यक्ष आमोद कुमार शर्मा ने किसानों से अपील की है कि अपना गन्ना सस्ते दाम पर कोल्हू या इधर-उधर न बेचें। मिल को आपूर्ति करके अपना बेसिक कोटा बनाए रखना किसानों के अपने हित में है, क्योंकि कोटा ही आगे चलकर पर्ची और आपूर्ति की निरंतरता तय करता है।

आज से किसान को क्या करना है

पर्ची का SMS आते ही अपनी तारीख और केंद्र नोट कर लें। गन्ना कटाई के बाद ट्रॉली पर ज्यादा देर गन्ना न रखें, सूखे गन्ने का वजन घटता है और नुकसान किसान का ही होता है। केंद्र पर तौल की पर्ची संभालकर रखें, भुगतान में कोई गड़बड़ी हो तो यही पर्ची काम आएगी। भुगतान में देरी हो तो गन्ना विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। और हां, इस सत्र का SAP घोषित होने तक पुरानी दर को इस सत्र की दर समझने की गलती न करें।

मुख्य बातें

  • अमरोहा की चंदनपुर और धनौरा मिलों में 1 नवंबर से पेराई सत्र 2026-27 शुरू होने का कार्यक्रम है।
  • तीनों मिलों को कुल 2.79 करोड़ क्विंटल गन्ना पेरने का लक्ष्य मिला है, सबसे ज्यादा 1.50 करोड़ क्विंटल धनौरा मिल को।
  • 2026-27 का SAP अभी घोषित नहीं हुआ है, पिछले सत्र 2025-26 में अगेती का भाव 400 रुपये प्रति क्विंटल था।

स्रोत: दैनिक जागरण, 26 अक्टूबर 2026; अमर उजाला, 14 अक्टूबर 2026; नवभारत टाइम्स, 30 अक्टूबर 2026।

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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