15 नवंबर से चलेगी अकबरपुर मिल, पहली बार मशीन से कटेगा गन्ना: 1 हफ्ते में भुगतान

अंबेडकरनगर के गन्ना किसानों का इंतजार अब तारीख में बदल गया है। जिले की अकबरपुर चीनी मिल मिझौड़ा में 15 नवंबर से गन्ने की पेराई शुरू होगी। पर्ची पेराई से एक हफ्ते पहले मिलेगी, और इस बार जिले में पहली बार गन्ने की कटाई केन हार्वेस्टर मशीन से भी कराई जाएगी। मिल प्रबंधन की योजना के मुताबिक गन्ना देने के बाद भुगतान एक हफ्ते के भीतर किया जाएगा।
यह खबर उन किसानों के लिए सीधी राहत है जिनका गन्ना खेत में तैयार खड़ा है और जिन्हें दिवाली के बाद पेराई, पर्ची और भुगतान तीनों की चिंता एक साथ सता रही थी। तारीख तय होने से अब किसान कटाई और ढुलाई की योजना पहले से बना सकते हैं।
15 नवंबर की तारीख पक्की, तैयारी पहले से शुरू
अकबरपुर चीनी मिल मिझौड़ा के सहायक महाप्रबंधक कैलाश चौधरी ने बताया है कि 15 नवंबर से पेराई प्रारंभ की जाएगी। जिला गन्ना अधिकारी साहब लाल यादव ने भी कटाई के इंतजाम की जानकारी दी है। दोनों बातों की पुष्टि अलग-अलग प्रकाशनों में हुई है, इसलिए तारीख को लेकर भ्रम की गुंजाइश कम है।
पर्ची एक हफ्ते पहले, मोबाइल और डाक दोनों से
पर्ची को लेकर मिल ने साफ व्यवस्था बताई है। पेराई शुरू होने से करीब एक हफ्ते पहले किसानों को पर्ची मुहैया कराई जाएगी। पर्ची सर्वे सट्टा के मुताबिक दी जाएगी, यानी जिस किसान का सट्टा और सर्वे दर्ज है, उसी क्रम में पर्ची बनेगी।
पर्ची पहुंचाने के दो रास्ते बताए गए हैं। किसानों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर संदेश के माध्यम से जानकारी भेजी जाएगी, और डाक के माध्यम से भी पर्ची पहुंचाई जाएगी। इसका सीधा फायदा यह है कि किसान को पर्ची के लिए बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बशर्ते उसका मोबाइल नंबर समिति के रिकॉर्ड में सही दर्ज हो।
जिले में पहली बार केन हार्वेस्टर, बुकिंग पर मिलेगा
इस सत्र की सबसे नई बात केन हार्वेस्टर है। अंबेडकरनगर जिले में पहली बार गन्ने की कटाई के लिए केन हार्वेस्टर किसानों को दिया जाएगा। गन्ना समिति यह मशीन किसानों को मुहैया कराएगी। जिला गन्ना अधिकारी के मुताबिक एक मशीन मुहैया कराई जा रही है, जो बुकिंग के तौर पर किसानों के खेतों से गन्ने की कटाई करेगी।
मशीन से कटाई का फायदा उन किसानों को सबसे ज्यादा होगा जिन्हें कटाई के लिए मजदूर समय पर नहीं मिलते। हाथ से कटाई में देर होती है तो गन्ना खेत में सूखता है और वजन घटता है। मशीन से गन्ना समय पर मिल तक पहुंचता है और खेत भी जल्दी खाली होता है, जिससे गेहूं की बुआई समय पर हो सकेगी।
लेकिन यहां एक हकीकत भी समझनी जरूरी है। मशीन फिलहाल एक ही बताई गई है, और मांग पूरे जिले से आएगी। इसलिए बुकिंग जल्दी भर सकती है। जो किसान मशीन से कटाई चाहते हैं, वे समिति से बुकिंग की प्रक्रिया, तारीख और शर्तें पहले से पूछ लें। बुकिंग की रसीद संभालकर रखें, ताकि कटाई के दिन कोई विवाद न हो।
29,572 हेक्टेयर गन्ना, एक मिल पर बड़ा दारोमदार
जिले में गन्ने की फसल का क्षेत्रफल 29,572 हेक्टेयर बताया गया है। यह आंकड़ा बताता है कि अकबरपुर मिल पर कितना बड़ा दारोमदार है। एक ही मिल को इस रकबे के गन्ने की पेराई करनी है, इसलिए पर्ची का क्रम और तौल केंद्रों की व्यवस्था ही सत्र की रफ्तार तय करेगी।
किसानों के लिए इसका मतलब साफ है। पर्ची मिलने के बाद गन्ना काटने और ढुलाई का समय इस तरह रखें कि तौल केंद्र पर लंबा इंतजार न करना पड़े। ट्रॉली भरने से पहले गन्ने की सफाई ठीक रखें, ताकि तौल में कटौती की शिकायत न उठे।
भुगतान एक हफ्ते में: वादा क्या है, किसान क्या देखें
मिल प्रबंधन के मुताबिक किसानों को भुगतान एक हफ्ते के भीतर हो जाएगा। यह योजना है, और किसान के लिए इसकी परख खाते में रकम आने से होगी। पर्ची और तौल की रसीद संभालकर रखना इसलिए जरूरी है, क्योंकि भुगतान में देर हो तो यही कागज काम आते हैं।
भुगतान को लेकर तीन बातें ध्यान में रखें। गन्ना देने की तारीख और तौल की रसीद नोट करके रखें। भुगतान आने पर रकम का मिलान पर्ची और तौल से कर लें। अगर एक हफ्ते से ज्यादा देर हो तो पहले समिति से पूछें, फिर जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय से लिखित जानकारी लें। गन्ना विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर भी जानकारी ली जा सकती है।
दिवाली के बाद गन्ना पहुंचना शुरू होगा
रिपोर्टों के मुताबिक किसानों का गन्ना मिल में दिवाली के बाद पहुंचना प्रारंभ हो जाएगा। इसका मतलब है कि दिवाली के आसपास कटाई की तैयारी पूरी रखनी चाहिए, पर जल्दबाजी में कच्चा गन्ना काटने से बचना चाहिए। परिपक्व गन्ना ही मिल को दें, क्योंकि कच्चे गन्ने से वजन और चीनी की मात्रा दोनों पर असर पड़ता है।
अकबरपुर मिल का 15 नवंबर से चलना अंबेडकरनगर के किसानों के लिए एक तय कार्यक्रम देता है। अब असली परीक्षा पर्ची वितरण और भुगतान की रफ्तार की होगी, जिस पर किसानों की नजर रहनी चाहिए।
मुख्य बातें
- अकबरपुर चीनी मिल मिझौड़ा में 15 नवंबर से गन्ने की पेराई शुरू होगी।
- पर्ची पेराई से एक हफ्ते पहले सर्वे सट्टा के मुताबिक मोबाइल संदेश और डाक से मिलेगी।
- अंबेडकरनगर में पहली बार गन्ना समिति केन हार्वेस्टर बुकिंग पर किसानों को देगी।
- जिले में 29,572 हेक्टेयर में गन्ने की खेती है; भुगतान एक हफ्ते के भीतर करने की योजना है।
स्रोत: दैनिक जागरण (अंबेडकरनगर, 27 और 28 अक्टूबर 2026), जनता से रिश्ता (28 अक्टूबर 2026)
